Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
काजी कैंप में मिसाइल गिराने वाले पुराने बयान को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। 15 सितंबर को भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में UCC के विरोध में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने शर्मा के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्हें काजी कैंप में मिसाइल गिराकर दिखाने की चुनौती दी थी। इसके बाद अब रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा है कि भारत की मिसाइलों से पाकिस्तान और आतंकवादी ही नहीं, बल्कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले लोग भी परेशान हैं।
शर्मा बोले- देश के खिलाफ बोलने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे
रामेश्वर शर्मा ने अपने जवाब में कहा कि जो देश के खिलाफ है, वह उनके खिलाफ है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की है और देश में आतंकवादी कैंप नहीं चलने दिए जाएंगे। शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग धर्म के नाम पर राजनीति कर समाज को हिंदू-मुस्लिम के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इन बयानों की रिपोर्ट कई स्थानीय मीडिया संस्थानों ने की है। शर्मा ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए उन्हें भोपाल से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी राजनीतिक मुकाबला करना चाहते हैं तो चुनाव के मैदान में आकर करें। इस दौरान शर्मा ने ओवैसी की भाषा पर भी आपत्ति जताई और उनसे मर्यादित भाषा इस्तेमाल करने को कहा।
‘पांच बीवी-25 बच्चों’ वाली टिप्पणी पर भी विवाद
पलटवार के दौरान रामेश्वर शर्मा ने परिवार और जनसंख्या से जुड़ी टिप्पणी भी की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने ‘पांच बीवी और 25 बच्चे’ वाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था नहीं चलने देंगे। यह टिप्पणी भी दोनों नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी का हिस्सा बन गई है।
ओवैसी ने सभा में क्या कहा था?
15 सितंबर को भोपाल में UCC के विरोध में आयोजित जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा के पुराने मिसाइल वाले बयान का जिक्र किया था। ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर शर्मा में हिम्मत है तो मिसाइल चलाकर दिखाएं और वह काजी कैंप में अकेले खड़े मिलेंगे। उन्होंने अपने भाषण में काजी कैंप से जुड़े स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का भी उल्लेख किया।
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत 6 सितंबर को भोपाल के करोंद इलाके में आयोजित जन्माष्टमी के मटकी फोड़ कार्यक्रम से हुई थी। कार्यक्रम में रामेश्वर शर्मा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से मिसाइल चलाकर काजी कैंप में गिराने की बात कही थी। बयान के बाद विवाद बढ़ा। बाद में शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप से था। इसके बावजूद यह मुद्दा 15 सितंबर की ओवैसी की भोपाल सभा में फिर उठा और अब शर्मा के जवाब के बाद राजनीतिक बयानबाजी का नया दौर शुरू हो गया है। फिलहाल विवाद का केंद्र दोनों नेताओं के बयानों और उनके राजनीतिक संदर्भ पर है।
UCC भी बना सभा का प्रमुख मुद्दा
ओवैसी की भोपाल सभा का मुख्य मुद्दा समान नागरिक संहिता यानी UCC का विरोध था। उन्होंने UCC को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए। दूसरी ओर, भाजपा पक्ष की ओर से UCC को लेकर अलग राजनीतिक दृष्टिकोण सामने रखा जा रहा है। इस तरह काजी कैंप विवाद के साथ UCC पर राजनीतिक बहस ने भी भोपाल में दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी को तेज किया है।
