Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
भोपाल में काजी कैंप और ‘मिसाइल’ वाले बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिर तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 16 सितंबर को भोपाल में आयोजित UCC विरोधी सभा के दौरान भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के पहले दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने मंच से शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें दम है तो मिसाइल लॉन्च करने की तारीख बताएं और वह काजी कैंप में खड़े मिलेंगे।
करोंद के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत सितंबर की शुरुआत में भोपाल के करोंद इलाके में आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम से हुई थी। कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर शर्मा के भाषण का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने करोंद चौराहे से मिसाइल छोड़ने और उसके काजी कैंप में जाकर गिरने की बात कही थी। वीडियो सामने आने के बाद इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
शर्मा ने बाद में दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर शर्मा ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनका संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप से था। उन्होंने अपने बयान को भारत की सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ से जोड़ा। इस सफाई पर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए।
ओवैसी ने भोपाल की सभा में उठाया मुद्दा
16 सितंबर को भोपाल में UCC के विरोध में आयोजित सभा में ओवैसी ने इसी बयान को लेकर शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि शर्मा भोपाल के काजी कैंप की बात कर रहे थे तो उन्हें तारीख और समय बताना चाहिए। ओवैसी ने अपने भाषण में काजी कैंप से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम के कुछ स्थानीय नामों का भी उल्लेख किया।
UCC पर भी सरकार को घेरा
ओवैसी की भोपाल यात्रा का मुख्य कार्यक्रम समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध से जुड़ा था। सभा में उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लेख करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता और समानता से जुड़े अपने तर्क रखे। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में UCC को लेकर भी सवाल उठाए।
बयानबाजी से बढ़ा राजनीतिक विवाद
फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। एक तरफ शर्मा अपने बयान का संदर्भ इस्लामाबाद से जोड़ चुके हैं, वहीं ओवैसी ने इसे भोपाल के काजी कैंप से जोड़ते हुए सार्वजनिक मंच से जवाब दिया है। विवाद का केंद्र अब मूल बयान, बाद की सफाई और उस पर आई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बनी हुई हैं।
