Anmol Sandesh News Desk, जबलपुर
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर कथित ठगी का एक मामला सामने आया है। जबलपुर के विजय नगर थाना क्षेत्र में एक युवक पर 11 बेरोजगारों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 25 लाख रुपए लेने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने युवाओं को कृषि विभाग में नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया और इसके लिए रकम ली। आरोप है कि बाद में कुछ आवेदकों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए। नौकरी नहीं मिलने के बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू की गई है।
कृषि विभाग में नौकरी का दिया झांसा
पुलिस शिकायत के अनुसार विजय नगर निवासी अंकित श्रीवास्तव ने नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से संपर्क किया। कथित तौर पर उसने उन्हें सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आवेदकों को बताया गया कि वह हाईकोर्ट और कृषि विभाग के माध्यम से नियुक्ति कराने में मदद कर सकता है। सरकारी नौकरी की उम्मीद में कई युवा आरोपी के संपर्क में आए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अलग-अलग समय पर उनसे रकम ली गई और कुल राशि करीब 25 लाख रुपए तक पहुंच गई।
पैसे लेने के बाद दिए नियुक्ति पत्र
शिकायत के मुताबिक रकम लेने के बाद आरोपी ने कुछ युवाओं को नियुक्ति पत्र भी उपलब्ध कराए। शुरुआत में आवेदकों को उम्मीद थी कि जल्द ही उनकी नौकरी शुरू हो जाएगी, लेकिन जब निर्धारित समय बीतने के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई तो उन्हें दस्तावेजों और पूरे मामले पर संदेह हुआ। इसके बाद संबंधित विभाग से जानकारी लेने और मामले की पड़ताल करने पर कथित फर्जीवाड़े की बात सामने आई। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया।
11 युवाओं से रकम लेने का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार इस पूरे मामले में करीब 11 बेरोजगार युवक प्रभावित हुए हैं। इनसे नौकरी दिलाने के नाम पर लगभग 25 लाख रुपए लिए जाने का आरोप है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए लेन-देन, दस्तावेजों और आरोपी द्वारा किए गए दावों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा सकता है कि आरोपी ने युवाओं से किस तरीके से संपर्क किया, रकम किस माध्यम से ली गई और कथित नियुक्ति पत्र कहां तैयार किए गए।
पुलिस खंगालेगी दस्तावेज और लेन-देन
मामले की जांच में पुलिस द्वारा शिकायतकर्ताओं के बयान, बैंक लेन-देन, मोबाइल बातचीत, दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी पाए जाते हैं और नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को पुलिस सत्यापित कर रही है।
जबलपुर में पहले भी सामने आए हैं नौकरी के नाम पर ठगी के मामले
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से पैसे लेने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। जबलपुर में हाल ही में घमापुर थाना क्षेत्र में भी नौकरी लगवाने का झांसा देकर कथित ठगी का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में एक शिक्षिका को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। पुलिस के अनुसार, बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम लेने का आरोप लगाया गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए किसी भी व्यक्ति के मौखिक आश्वासन पर पैसा देना जोखिम भरा हो सकता है।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
सरकारी भर्ती में नियुक्ति केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से होती है। इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना की जांच करना जरूरी है।
इन बातों का रखें ध्यान
- भर्ती की जानकारी हमेशा संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से जांचें।
- नौकरी लगवाने के नाम पर किसी बिचौलिए को पैसे न दें।
- किसी भी नियुक्ति पत्र की संबंधित विभाग से पुष्टि करें।
- बैंक खाते में पैसा भेजने से पहले सामने वाले की पहचान और दावे की जांच करें।
- फर्जी वेबसाइट, ई-मेल और दस्तावेजों से सावधान रहें।
- ठगी होने पर बैंक और पुलिस को तत्काल सूचना दें।
- ऑनलाइन ठगी की स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा सकती है।
