Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्यप्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश में सक्रिय स्ट्रॉन्ग मौसम सिस्टम के कारण शुक्रवार को कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर समेत 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जबकि 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है।
13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। वहीं भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
सतना में लगातार दूसरे दिन स्कूल बंद
अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए सतना जिले में प्रशासन ने 26 सितंबर को भी नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। आदेश शासकीय और अशासकीय स्कूलों के साथ केंद्रीय, नवोदय, आईसीएसई समेत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
25-27 सितंबर तक रहेगा सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ मौसम सिस्टम मजबूत होकर मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर 25 और 26 सितंबर को देखने को मिल सकता है। 27 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम के आगे बढ़ने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।
MP में अब तक सामान्य से 7% कम बारिश
मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 873.4 मिमी यानी 34.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश 935.1 मिमी यानी करीब 36.8 इंच से लगभग 2.4 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से करीब 7% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 2% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 11% कम रही है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है।

इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
अब तक अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत कई जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
जून में कम बारिश, जुलाई-अगस्त ने संभाला मोर्चा
इस साल जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई में मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश का आंकड़ा सुधरा। मानसून के दौरान दो बार ब्रेक की स्थिति भी बनी, जिसके कारण कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। बाद में मानसून सिस्टम सक्रिय होने से जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश हुई, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है।
भोपाल से जबलपुर तक बारिश के पुराने रिकॉर्ड
भोपाल
भोपाल में सितंबर की औसत बारिश करीब 7 इंच बताई गई है। सितंबर में सर्वाधिक मासिक बारिश का रिकॉर्ड 1961 में 30 इंच से ज्यादा का रहा है। वहीं 2 सितंबर 1947 को 24 घंटे में 9.2 इंच बारिश दर्ज होने का रिकॉर्ड है।
इंदौर
इंदौर में सितंबर महीने में अब तक के पुराने रिकॉर्ड में 1954 में करीब 30 इंच बारिश दर्ज हुई थी। 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में करीब पौने 7 इंच बारिश हुई थी।
ग्वालियर
ग्वालियर में सितंबर 1990 में करीब 647 मिमी यानी 25.5 इंच बारिश दर्ज हुई थी। वहीं 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में करीब 12.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड बताया जाता है।
जबलपुर
जबलपुर में 20 सितंबर 1926 को 24 घंटे में करीब 8.5 इंच बारिश दर्ज होने का रिकॉर्ड है। पूरे सितंबर महीने में 1926 में करीब 32 इंच बारिश हुई थी।
उज्जैन
उज्जैन में सितंबर 1961 में करीब 43 इंच बारिश दर्ज हुई थी। 27 सितंबर 1961 को 24 घंटे में करीब 5.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड बताया गया है।
26 सितंबर को भी कई इलाकों में बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रह सकता है। वहीं 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और निचले इलाकों में जाने से बचना जरूरी है। आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
