Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।
Navratri 2026, Famous Temples in Madhya Pradesh: शारदीय नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और आस्था का प्रतीक है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्र के दौरान देशभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मध्य प्रदेश भी अपने प्राचीन शक्तिस्थलों और प्रसिद्ध देवी मंदिरों के लिए खास पहचान रखता है।
अगर आप नवरात्र 2026 में मध्य प्रदेश में हैं और माता रानी के दर्शन के लिए किसी खास धार्मिक स्थल की तलाश कर रहे हैं, तो प्रदेश के पांच प्रसिद्ध देवी मंदिर आपकी यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। सतना के मैहर वाली शारदा माता से लेकर इंदौर की बिजासन माता और रतलाम की मां कालिका तक, हर मंदिर की अपनी धार्मिक मान्यता, इतिहास और अलग पहचान है।
आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के उन पांच प्रसिद्ध देवी मंदिरों के बारे में, जहां नवरात्र के दौरान दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
1. मैहर मां शारदा मंदिर, सतना
पहाड़ी पर विराजमान मां शारदा के दर्शन के लिए उमड़ते हैं भक्त।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में स्थित मां शारदा मंदिर प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध देवी तीर्थस्थलों में से एक है। त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में माता शारदा की पूजा की जाती है। नवरात्र के दौरान यहां दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।</escape>
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मैहर का संबंध देवी सती की कथा से भी जोड़ा जाता है। स्थानीय धार्मिक परंपराओं में इस स्थान को विशेष शक्ति और आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु सीढ़ियों का रास्ता चुन सकते हैं। रोपवे की सुविधा उपलब्ध होने पर उसका विकल्प भी लिया जा सकता है।
नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहता है। दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को भीड़, मौसम और मंदिर की तत्कालीन व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
कहां स्थित है: मैहर, मध्य प्रदेश।
2. चौसठ योगिनी मंदिर, भेड़ाघाट, जबलपुर
प्राचीन स्थापत्य और आध्यात्मिक परंपरा का अनूठा संगम।
जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट के पास स्थित चौसठ योगिनी मंदिर मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह प्राचीन मंदिर अपनी गोलाकार स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
मंदिर में चौसठ योगिनियों की उपासना से जुड़ी परंपरा का विशेष महत्व है। भारतीय धार्मिक मान्यताओं में योगिनी परंपरा को शक्ति उपासना से जोड़ा जाता है। मंदिर का ऐतिहासिक वातावरण और इसकी वास्तुकला इसे दूसरे देवी मंदिरों से अलग बनाती है।
नवरात्र के अवसर पर यहां पहुंचकर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ प्राचीन भारतीय मंदिर स्थापत्य को भी करीब से देख सकते हैं। भेड़ाघाट और नर्मदा नदी के आसपास के पर्यटन स्थलों के कारण इसे धार्मिक यात्रा के साथ घूमने की योजना में भी शामिल किया जा सकता है।
कहां स्थित है: भेड़ाघाट के पास, जबलपुर, मध्य प्रदेश।
3. बिजासन माता मंदिर, इंदौर
नवरात्र में विशेष सजावट और दर्शन के लिए पहुंचते हैं श्रद्धालु।
इंदौर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल बिजासन माता मंदिर देवी भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह मंदिर शहर के एयरपोर्ट क्षेत्र के पास स्थित है और मां बिजासन की आराधना के लिए जाना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्त यहां परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।
मंदिर की ऊंचाई और आसपास के क्षेत्र के कारण यहां से शहर के कुछ हिस्सों का दृश्य भी दिखाई देता है। नवरात्र के दिनों में दर्शन के लिए जाने वाले लोगों को भीड़ और स्थानीय यातायात को ध्यान में रखकर समय तय करना चाहिए।
कहां स्थित है: बिजासन माता मंदिर, इंदौर, मध्य प्रदेश।
4. मां कालिका मंदिर, रतलाम
आस्था का बड़ा केंद्र, नवरात्र में विशेष पूजा-अर्चना।
रतलाम का मां कालिका मंदिर क्षेत्र के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में शामिल है। मां कालिका की पूजा शक्ति और साहस के प्रतीक के रूप में की जाती है। नवरात्र के दौरान मंदिर में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है और श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-शांति की कामना करते हैं।
स्थानीय धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर को विशेष महत्व प्राप्त है। भक्त यहां पूजा-अर्चना और प्रार्थना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में नवरात्र के अवसर पर धार्मिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मां कालिका के दर्शन के लिए रतलाम जाने वाले श्रद्धालु अपनी यात्रा में शहर के दूसरे स्थानीय धार्मिक स्थलों को भी शामिल कर सकते हैं।
कहां स्थित है: रतलाम, मध्य प्रदेश।
5. श्री मांढरे वाली माता मंदिर, ग्वालियर
ग्वालियर का प्रसिद्ध देवी स्थल, नवरात्र में भक्तों की रहती है भीड़।
ग्वालियर में स्थित श्री मांढरे वाली माता मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। मंदिर के दर्शन के लिए नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। यहां श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना करते हैं।
मंदिर से जुड़ी स्थानीय मान्यताओं में माता के प्रति गहरी श्रद्धा देखने को मिलती है। नवरात्र के दौरान पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए यहां का माहौल भक्तिमय रहता है।
ग्वालियर आने वाले श्रद्धालु अपनी धार्मिक यात्रा के साथ शहर के अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी देखने की योजना बना सकते हैं।
कहां स्थित है: ग्वालियर, मध्य प्रदेश।
नवरात्र में देवी मंदिरों के दर्शन पर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
- भीड़ का अनुमान लगाएं: नवरात्र के शुरुआती और अंतिम दिनों में प्रमुख मंदिरों में अधिक भीड़ हो सकती है।
- दर्शन का समय जांचें: मंदिरों के खुलने और बंद होने का समय विशेष अवसरों पर बदल सकता है। यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन या मंदिर प्रबंधन से जानकारी लें।
- यात्रा की योजना बनाएं: मैहर और जबलपुर जैसे स्थलों के लिए यात्रा का समय, परिवहन और ठहरने की व्यवस्था पहले तय कर लें।
- स्थानीय नियमों का पालन करें: मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, कतार और पूजा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
- स्वच्छता बनाए रखें: धार्मिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं और दूसरे श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखें।
मध्य प्रदेश के इन शक्तिस्थलों में किस मंदिर के दर्शन करेंगे आप?
मध्य प्रदेश के ये पांचों देवी मंदिर धार्मिक आस्था, स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से खास महत्व रखते हैं। नवरात्र के दौरान यहां दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव हो सकता है। हालांकि, किसी विशेष मनोकामना के पूरा होने की बात धार्मिक विश्वास का विषय है। अगर आप नवरात्र 2026 में देवी दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो अपनी सुविधा, दूरी और मंदिर की वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यात्रा का चयन करें और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धा के साथ दर्शन करें।
