Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
CJP Protest: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और इंटरनेट सेवाओं से जुड़ी खबरों के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। पोस्ट में उन्होंने कुछ ऐसे ऐप्स डाउनलोड न करने की सलाह दी, जिनका इस्तेमाल इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी संदेश भेजने के लिए किया जा सकता है। इनमें Bridgefy और Briar का नाम सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अन्य यूजर की पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “जरूरी जानकारी। कृपया इन ऐप्स को डाउनलोड न करें।” साझा की गई पोस्ट में प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को Bridgefy और Briar जैसे ऐप इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई थी। इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ध्रुव राठी की पोस्ट में दी गई सलाह को अपने आप में इन ऐप्स की सुरक्षा या उनके इस्तेमाल पर किसी आधिकारिक प्रतिबंध का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इंटरनेट सेवाएं बंद होने और इन ऐप्स की उपलब्धता से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी जरूरी है।
प्रदर्शन के बीच क्यों चर्चा में आए ये ऐप्स?
खबरों में दावा किया गया कि प्रदर्शन से जुड़े कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित की गई हैं। ऐसे हालात में इंटरनेट पर निर्भर न रहने वाले मैसेजिंग ऐप्स की चर्चा बढ़ सकती है। साझा पोस्ट में कहा गया कि इन ऐप्स के जरिए संदेश भेजे जा सकते हैं, इसलिए लोगों को इन्हें डाउनलोड नहीं करना चाहिए।
यहां एक अहम बात समझना जरूरी है: किसी ऐप की तकनीकी क्षमता और उसके इस्तेमाल के पीछे का उद्देश्य दो अलग-अलग बातें हैं। इंटरनेट बंद होने पर भी संचार के कुछ विकल्प काम कर सकते हैं, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि हर जगह इन ऐप्स का इस्तेमाल हो रहा है या इन्हें लेकर कोई सरकारी आदेश जारी हुआ है।
Bridgefy और Briar क्या हैं?
Bridgefy: यह एक मैसेजिंग ऐप है, जो कुछ परिस्थितियों में नजदीकी डिवाइसों के बीच Bluetooth के जरिए संदेश पहुंचाने की सुविधा देता है। इसकी कार्यक्षमता डिवाइसों की दूरी, नेटवर्क की स्थिति और ऐप के तकनीकी संचालन पर निर्भर कर सकती है।
Briar: यह Android के लिए उपलब्ध एक मैसेजिंग ऐप है, जिसे इंटरनेट उपलब्ध न होने की कुछ परिस्थितियों में भी संचार के विकल्प देने के लिए बनाया गया है। यह Bluetooth और Wi-Fi जैसे माध्यमों का उपयोग कर सकता है। इसकी सुविधाएं डिवाइस और कनेक्शन की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
इन ऐप्स के बारे में जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वे हर परिस्थिति में काम करेंगे या उनका इस्तेमाल पूरी तरह जोखिम-मुक्त है। किसी भी मैसेजिंग ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी, अनुमतियों और सुरक्षा संबंधी विवरणों को देखना जरूरी है।
क्या इंटरनेट बंद होने पर भी मैसेज भेजे जा सकते हैं?
कुछ ऐप्स स्थानीय Bluetooth या Wi-Fi कनेक्शन के जरिए सीमित परिस्थितियों में संदेश पहुंचाने की सुविधा देते हैं। हालांकि, इसकी सफलता कई तकनीकी बातों पर निर्भर करती है। यह मान लेना सही नहीं होगा कि इंटरनेट बंद होने पर हर ऐप हर जगह काम करेगा।
इंटरनेट सेवाओं के निलंबन, किसी ऐप पर प्रतिबंध या उसके ऐप स्टोर से हटाए जाने जैसे दावों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक आदेशों या विश्वसनीय रिपोर्टों से की जानी चाहिए।
Bitchat ऐप पर प्रतिबंध का दावा
दी गई जानकारी में Bitchat ऐप को भारत में प्रतिबंधित किए जाने और ऐप स्टोर से हटाए जाने का भी दावा किया गया है। इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी आदेश और ऐप स्टोर की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है। केवल सोशल मीडिया पोस्ट या किसी खबर में किए गए उल्लेख के आधार पर प्रतिबंध की स्थिति को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जाना चाहिए।
ध्रुव राठी की पोस्ट से क्या संदेश निकला?
ध्रुव राठी की पोस्ट में साझा की गई सलाह का केंद्र Bridgefy और Briar जैसे ऐप्स का इस्तेमाल न करना था। लेकिन पोस्ट के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इन ऐप्स को सरकार ने प्रतिबंधित किया है या इनके इस्तेमाल पर कोई आधिकारिक रोक लगाई गई है।
