Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार से दुखद खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिजीत दीपके की दादी का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित उनके पैतृक गांव संतुक पिंपरी में निधन हो गया। इस घटना के समय अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में थे। एक ओर परिवार अपनी बुजुर्ग सदस्य के निधन से गम में डूबा है, तो दूसरी ओर अभिजीत की हिरासत को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रिहा किया जाएगा या उन्हें कोई अन्य राहत मिलेगी।
दादी की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके की दादी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं और घर पर ही उनका इलाज किया जा रहा था। शनिवार को उन्होंने अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली।
दादी के निधन की खबर ऐसे समय आई है, जब अभिजीत दीपके दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। परिवार के लिए यह स्थिति भावनात्मक रूप से बेहद कठिन है। हालांकि, अभिजीत को निधन की सूचना कब मिली और परिवार की ओर से उनकी रिहाई के लिए कोई औपचारिक अनुरोध किया गया है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके
दरअसल, CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंचे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद विमान के अंदर ही पुलिसकर्मी पहुंच गए और अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और उनके बीच बातचीत तथा नोकझोंक होने की भी जानकारी सामने आई।
CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। संगठन के अन्य सदस्यों और प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इस कार्रवाई को लेकर CJP ने नाराजगी जताई और अपने नेताओं की रिहाई की मांग की।
अभिजीत दीपके के साथ अन्य सदस्य भी हिरासत में
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ संगठन के अन्य सदस्य भी पुलिस की हिरासत में हैं। इनमें सौरभ दास का नाम भी सामने आया है। संगठन ने पहले भी अपने नेताओं को बिना शर्त रिहा करने की मांग उठाई थी।
हालांकि, अभिजीत दीपके की दादी के निधन के बाद उनकी रिहाई को लेकर परिवार या संगठन की ओर से किए गए किसी नए औपचारिक अनुरोध और दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया की पुष्टि अभी जरूरी है।
क्या दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाएंगे अभिजीत दीपके?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभिजीत दीपके को अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिलेगा। परिवार में शोक की स्थिति को देखते हुए उनकी रिहाई या अस्थायी राहत की मांग उठ सकती है, लेकिन केवल परिवार में मृत्यु होने से हिरासत में लिए गए व्यक्ति की रिहाई स्वतः सुनिश्चित नहीं होती।
इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से रिहाई, हिरासत की अवधि या अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार की स्थिति और पुलिस के अगले कदम पर नजर
अभिजीत दीपके की दादी के निधन और उनकी हिरासत की खबर सामने आने के बाद इस मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। एक तरफ CJP अपने नेताओं की रिहाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ परिवार के सामने अंतिम संस्कार और शोक से जुड़ी जिम्मेदारियां हैं।
फिलहाल, अभिजीत दीपके की रिहाई को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अब यह देखना होगा कि परिवार की ओर से कोई औपचारिक अपील की जाती है या नहीं और दिल्ली पुलिस इस संबंध में क्या निर्णय लेती है।
