Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की मांग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।” राहुल गांधी का यह बयान दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है।
राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम हटाए जाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और संबंधित आदेशों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जाने की बात कही गई है।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ज्ञानेश कुमार के पद से हटने और केंद्र सरकार के जाने की बात कही। उन्होंने इन दोनों घटनाओं को लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होने से जोड़ा। इससे पहले भी राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद एक व्यापक समस्या का हिस्सा है और इसके लिए मौजूदा सरकार को बदलने की जरूरत है।
राहुल गांधी के बयान से साफ है कि कांग्रेस और विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा चुनाव आयोग की जवाबदेही को राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगाए गए आरोपों और उनके प्रमाणों का आकलन संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी बयानबाजी
विपक्षी दलों के नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी। विपक्ष की ओर से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही जरूरी है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
चेन्नई में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच राहुल गांधी शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई में छात्रों के साथ संवाद करने पहुंचे। यहां ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं से शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी है।
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब दिल्ली में मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस तरह राहुल गांधी एक ओर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर युवाओं से जुड़े विषयों पर भी संवाद कर रहे हैं।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया पलटवार
राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने CJP के प्रदर्शन और विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
नितिन नवीन ने विपक्षी नेताओं पर जनता के फैसले को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। बीजेपी का कहना है कि चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर विपक्ष राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
चुनाव आयोग को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष तथा सत्तारूढ़ दल के बीच मतभेद गहराए हैं। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की प्रक्रिया और आदेशों की वैधानिकता को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे किए जा रहे हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। राहुल गांधी ने अपने ताजा बयान से केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा है, जबकि बीजेपी ने विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
