Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
देशभर में शारदीय नवरात्रि को लेकर उत्साह और भक्ति का माहौल है। जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित करने और आकर्षक पंडाल सजाने की तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच झारखंड की राजधानी रांची में एक ऐसा अनोखा दुर्गा पंडाल तैयार किया जा रहा है, जो अपनी खास थीम के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मां दुर्गा का दरबार गोलगप्पे और चनाचूर की थीम पर सजाया जा रहा है। इस अनोखे पंडाल को देखने के लिए श्रद्धालुओं में अभी से उत्सुकता दिखाई दे रही है।
गोलगप्पे और चनाचूर से सजेगा मां दुर्गा का दरबार
रांची के हिनू स्थित शुक्ला कॉलोनी में मां दुर्गा का यह अनोखा पंडाल तैयार किया जा रहा है। आमतौर पर दुर्गा पूजा के पंडालों को धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर सजाया जाता है, लेकिन इस बार यहां गोलगप्पे और चनाचूर को सजावट की थीम बनाया गया है। यही वजह है कि यह पंडाल बाकी पंडालों से अलग नजर आने वाला है।
इस अनूठी पहल को सनातन संघ दुर्गा समिति द्वारा साकार किया जा रहा है। समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के दर्शन के साथ एक अलग और यादगार अनुभव देना है।
पश्चिम बंगाल से मंगवाए गए 10 हजार से ज्यादा गोलगप्पे
इस पंडाल की सबसे खास बात इसकी सजावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री है। जानकारी के मुताबिक, पंडाल को सजाने के लिए पश्चिम बंगाल से 10 हजार से अधिक गोलगप्पे मंगवाए गए हैं। गोलगप्पों और चनाचूर की मदद से पंडाल को आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
इस पूरे पंडाल को तैयार करने में लगभग 21 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। अनोखी थीम के चलते यह दुर्गा पंडाल न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि दूसरे स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
55 फीट ऊंचा और 60 फीट चौड़ा होगा पंडाल
सनातन संघ दुर्गा समिति की ओर से तैयार किए जा रहे इस पंडाल का आकार भी खास होगा। इसकी ऊंचाई लगभग 55 फीट और चौड़ाई 60 फीट रखी जा रही है। पंडाल के भीतर मां दुर्गा की करीब 11 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
प्रतिमा में मां दुर्गा को महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया जाएगा। इस धार्मिक दृश्य के साथ अनोखी सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनने वाली है।
एक महीने से जुटे हैं 10 कारीगर
पंडाल को भव्य रूप देने के लिए करीब 10 कारीगर एक महीने से अधिक समय से काम कर रहे हैं। सजावट के साथ-साथ पंडाल के अंदर ऐसी कलाकृतियां भी तैयार की जा रही हैं, जिनमें गोलगप्पे खाने के तरीके को दर्शाया जाएगा। इससे पंडाल की थीम को और रोचक बनाने की योजना है।
धार्मिक आस्था और स्थानीय खानपान की पहचान को जोड़ने वाला यह प्रयोग दुर्गा पूजा के पारंपरिक उत्सव में एक नया रंग भरने वाला है।
16 अक्टूबर को पूजा और उद्घाटन की तैयारी
आयोजकों के मुताबिक, इस अनोखे दुर्गा पंडाल की पूजा और उद्घाटन 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए महाभोग और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की जाएगी। बता दें नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में अनोखी थीम वाले पंडाल लोगों का ध्यान खींचते हैं। रांची का यह गोलगप्पे और चनाचूर थीम वाला पंडाल भी अपनी अलग पहचान के कारण खास चर्चा में है। अब श्रद्धालुओं को इसके पूरी तरह तैयार होने और मां दुर्गा के दर्शन का इंतजार है।
