Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। NSUI के कई कार्यकर्ताओं ने पुलिस हिरासत के दौरान कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इन कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और प्रदर्शनकारियों से घटना से जुड़े वीडियो तथा अन्य सबूत सुरक्षित रखने की अपील की। वहीं, कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने हिरासत के दौरान उनके साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर अपनी आपबीती साझा की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिरासत में लेते समय और पुलिस स्टेशन में उनके साथ सख्ती की गई। एक कार्यकर्ता ने सिर पर डंडा मारने और चेहरे को नोंचने का आरोप लगाया। महिला कार्यकर्ता अतीरा ने भी पुलिसकर्मियों पर मारपीट, गाली-गलौज और शारीरिक दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
राहुल गांधी बोले— ‘अमित शाह, इसे ध्यान से देखिए’
NSUI कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां धर्म, जाति, महिला या पुरुष का भेद नहीं, बल्कि एक आवाज और एक विरोध है। राहुल गांधी ने इसे भारत की आवाज बताते हुए कहा कि सरकार इस आवाज के खिलाफ खड़ी है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी को भी इस आवाज के खिलाफ खड़ा नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, उन्होंने छात्रों से प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे सबूत सुरक्षित रखने तथा उन्हें साझा करने के लिए कहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि मामला समाप्त होने के बाद इन सबूतों का इस्तेमाल कर उन लोगों को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी, जिन्हें इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और संबंधित पुलिसकर्मियों का नाम लिया। यह राहुल गांधी का राजनीतिक बयान और आरोप है; किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही होगा।
अतीरा का आरोप— ‘बेसमेंट में ले जाकर मारा और गालियां दीं’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला कार्यकर्ता अतीरा ने हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार का अपना अनुभव साझा किया। उनके मुताबिक, वह सुनने में असमर्थ हैं और जिस बस में उन्हें हिरासत में लेकर ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
अतीरा ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस से चंचल यादव नाम की महिला पुलिसकर्मी बस में आईं। इसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन के बेसमेंट में ले जाया गया। अतीरा का दावा है कि वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे और उनके साथ मारपीट की गई।
महिला कार्यकर्ता के मुताबिक, उन्हें पहले मुक्के से मारा गया और गालियां दी गईं। उन्होंने कहा कि मारपीट के निशान उनके मुंह और आंख के आसपास अब भी दिखाई दे रहे हैं। अतीरा ने अपने प्राइवेट पार्ट्स पर भी चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है। ये आरोप गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष और किसी मेडिकल रिपोर्ट या स्वतंत्र जांच का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
पुलिस हिरासत में व्यवहार पर उठे सवाल
NSUI कार्यकर्ताओं के आरोपों के बाद प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिरासत में लोगों के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से सबूत सुरक्षित रखने की अपील की है, जबकि महिला कार्यकर्ता ने अपने साथ कथित मारपीट का विस्तृत विवरण दिया है।
