Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
Dussehra 2026: Tallest Ravan Effigy Cost: दशहरा 2026 से पहले दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में तैयार किया गया 221 फीट ऊंचा रावण का विशाल पुतला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी ऊंचाई किसी बहुमंजिला इमारत जैसी है। विशाल आकार, मजबूत ढांचे और निर्माण में लगी मेहनत के कारण यह पुतला चर्चा में है। इसे इस साल देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में शामिल बताया जा रहा है। द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से आयोजित रामलीला और दशहरा मेले के लिए इस विशाल पुतले को तैयार किया गया है। आयोजकों ने इसे 2026 के लिए देश का सबसे ऊंचा रावण पुतला बनाने की योजना की घोषणा की थी। इसकी ऊंचाई और निर्माण लागत को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है।
द्वारका सेक्टर-10 में कहां तैयार हुआ 221 फीट का रावण?
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित रामलीला मैदान में इस बार रावण दहन के लिए विशाल पुतला तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई लगभग 221 फीट बताई गई है। दशहरे के अवसर पर यहां होने वाला रावण दहन रामलीला आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहने वाला है।
द्वारका श्री रामलीला सोसायटी के मुताबिक, इस वर्ष रामलीला का 15वां आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं और विशाल रावण पुतले को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह है।
1,000 से ज्यादा बांस और भारी मात्रा में लोहे का इस्तेमाल
इतने विशाल पुतले को तैयार करना आसान काम नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इसके निर्माण में 1,000 से ज्यादा बांस और लगभग 60 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है। लोहे के मजबूत ढांचे और सहायक सामग्री की मदद से पुतले को खड़ा रखने की व्यवस्था की गई है।
इस विशाल संरचना को तैयार करने में कारीगरों को तीन महीने से अधिक समय लगा। हरियाणा के बराड़ा के कारीगरों की टीम ने इसे बनाने में मेहनत की। पुतले की ऊंचाई को देखते हुए निर्माण सामग्री, ढांचे की मजबूती और इसे सुरक्षित तरीके से खड़ा करने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
रावण का पुतला बनाने में कितना आया खर्च?
द्वारका में तैयार किए गए इस 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले की लागत करीब 38 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में इसकी अनुमानित लागत 45 लाख रुपये तक बताई गई है। हालांकि, 45 लाख रुपये के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इस खर्च में निर्माण सामग्री, लोहे का ढांचा, बांस, कारीगरों की मजदूरी और इतने बड़े पुतले को खड़ा करने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की लागत शामिल बताई गई है। पुतले के विशाल आकार और निर्माण में लगने वाले लंबे समय को देखते हुए इसका खर्च लाखों रुपये में पहुंचा है।
क्या यह देश का सबसे ऊंचा रावण है?
इस साल दिल्ली के द्वारका में बने 221 फीट के पुतले को देश के सबसे ऊंचे रावण के रूप में पेश किया जा रहा है। हालांकि, भारत में इससे पहले भी बेहद ऊंचे रावण के पुतले बनाए गए हैं। राजस्थान के कोटा में वर्ष 2025 के दौरान लगभग 221.5 से 222 फीट ऊंचे पुतले की रिपोर्टें सामने आई थीं। इसलिए बिना स्वतंत्र रिकॉर्ड की पुष्टि के इसे निर्विवाद रूप से देश का सबसे ऊंचा पुतला कहना उचित नहीं
दशहरे पर क्यों खास है रावण दहन?
दशहरा यानी विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला के समापन के साथ रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। दिल्ली के द्वारका में तैयार किया गया विशाल रावण भी इस परंपरा के तहत दशहरा मेले का प्रमुख आकर्षण है।
