Wednesday, October 14, 2026
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प्राइवेट नंबर समझकर PM मोदी का फोन नहीं उठाया, 10 कॉल के बाद ब्रजमोहन राम को मिली राज्यपाल बनने की खबर

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली

Brajmohan Ram Odisha Governor Appointment: कभी-कभी जिंदगी में एक फोन कॉल ऐसा आता है, जो सब कुछ बदल देता है। झारखंड के पलामू से पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम के साथ भी कुछ ऐसा ही दिलचस्प वाकया हुआ। उन्हें सुबह एक प्राइवेट नंबर से बार-बार फोन आ रहा था, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य कॉल समझकर नजरअंदाज कर दिया। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और यह फोन उनकी जिंदगी की एक बड़ी जिम्मेदारी से जुड़ा है। ब्रजमोहन राम के मुताबिक, प्रधानमंत्री की ओर से करीब 10 बार कॉल आने के बावजूद उन्होंने शुरुआत में फोन नहीं उठाया। बाद में जब उन्हें बताया गया कि प्रधानमंत्री उनसे बात करना चाहते हैं, तब उन्हें इस कॉल की अहमियत का पता चला। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बातचीत हुई और उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी मिली। उन्हें ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

प्राइवेट नंबर से लगातार आ रहे थे फोन

ब्रजमोहन राम ने मीडिया से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह उनके मोबाइल पर एक प्राइवेट नंबर से लगातार कॉल आ रहे थे। नंबर की पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बार-बार फोन आने के बाद भी उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि कॉल करने वाले व्यक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। कुछ समय बाद उन्हें जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद जब उनकी पीएम मोदी से बातचीत हुई, तो यह उनके लिए हैरान करने वाला पल था। प्रधानमंत्री ने ‘जोहार’ कहकर उनका अभिवादन किया और उनसे संगठन से जुड़ी जानकारी भी ली।

PM मोदी ने दी बड़ी जिम्मेदारी की जानकारी

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रजमोहन राम को सरकार की ओर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी दी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनसे फोन पर बातचीत की और उन्हें ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने के बारे में बताया। ब्रजमोहन राम के अनुसार, उस समय उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया था। आधिकारिक घोषणा के बाद उनके राज्यपाल बनने की खबर सामने आई और झारखंड के राजनीतिक गलियारों में उन्हें बधाइयां मिलने लगीं।

पलामू से ओडिशा के राज्यपाल तक का सफर

ब्रजमोहन राम झारखंड के पलामू क्षेत्र से पूर्व सांसद रह चुके हैं। ओडिशा के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति उनके सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। राज्यपाल का पद संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है, जिसमें राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के संचालन में भूमिका निभाना शामिल है। उनकी नियुक्ति के बाद झारखंड भाजपा के नेताओं ने खुशी जताई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसे झारखंड के लिए सम्मान की बात बताया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उम्मीद जताई कि ब्रजमोहन राम अपने अनुभव के आधार पर ओडिशा में संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।

जिस कॉल को नजरअंदाज किया, वही बन गया यादगार

इस पूरे घटनाक्रम की सबसे दिलचस्प बात यही है कि ब्रजमोहन राम जिस फोन कॉल को सामान्य प्राइवेट नंबर समझकर नहीं उठा रहे थे, उसी के जरिए उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने और राज्यपाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की जानकारी मिली। करीब 10 बार आए फोन और उसके बाद प्रधानमंत्री से हुई बातचीत का यह किस्सा अब चर्चा में है। एक अनजान नंबर से शुरू हुआ यह घटनाक्रम उनके लिए यादगार बन गया।

 

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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