Anmol Sandesh News Desk | भोपाल
मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। निर्वाचन आयोग ने राज्य की एक खाली राज्यसभा सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह सीट भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उपचुनाव के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान और मतगणना होगी। वहीं, चुनाव की पूरी प्रक्रिया 16 नवंबर तक संपन्न कराए जाने का कार्यक्रम है। मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के मजबूत संख्याबल को देखते हुए इस चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर चुनाव की प्रक्रिया निम्नलिखित रहेगी:
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख |
| अधिसूचना जारी होने की तारीख | 26 अक्टूबर 2026 |
| नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख | 2 नवंबर 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तारीख | 5 नवंबर 2026 |
| मतदान | 12 नवंबर 2026 |
| मतदान का समय | सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक |
| मतगणना | 12 नवंबर, शाम 5 बजे से |
| चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख | 16 नवंबर 2026 |
इस चुनाव में मध्य प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करेंगे। राज्यसभा चुनाव के निर्धारित नियमों के अनुसार मतों की गणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
डॉ. एल. मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद मध्य प्रदेश से उनकी सीट रिक्त हो गई। इस सीट का निर्धारित कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था। अब उपचुनाव के जरिए नए सदस्य का चयन किया जाएगा, जो निर्धारित शेष कार्यकाल के लिए राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
आखिर एल. मुरुगन ने इस्तीफा क्यों दिया?
रिपोर्ट के मुताबिक, एल. मुरुगन ने जमीनी स्तर पर काम करने और भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा की राजनीतिक संभावनाओं और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी अपनी बात रखी थी। उनके इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि भाजपा इस सीट पर किस नेता को उम्मीदवार बनाती है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा की स्थिति मजबूत
राज्यसभा उपचुनाव में विधानसभा का संख्याबल बेहद महत्वपूर्ण होता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 164, कांग्रेस के 65 और भारत आदिवासी पार्टी का एक विधायक शामिल है। भाजपा के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है। इसी वजह से राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम नतीजा चुनाव मैदान में उम्मीदवारों की संख्या और राज्यसभा चुनाव के निर्धारित नियमों के तहत होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
क्या निर्विरोध चुना जा सकता है नया राज्यसभा सदस्य?
यदि निर्धारित समय सीमा तक केवल एक उम्मीदवार मैदान में रहता है और चुनाव नियमों की शर्तें पूरी होती हैं, तो निर्विरोध निर्वाचन संभव है। वहीं, एक से अधिक उम्मीदवार होने पर मतदान कराया जाएगा। कांग्रेस के सामने अपने विधायकों के समर्थन को एकजुट रखने और उम्मीदवार उतारने को लेकर रणनीति तय करने की चुनौती होगी। दूसरी ओर, भाजपा अपने मजबूत संख्याबल के कारण बढ़त की स्थिति में दिखाई दे रही है।
