Anmol Sandesh News Desk | नई दिल्ली
नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। दिल्ली में 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान शाह ने कांग्रेस की राजनीति, यमुना की सफाई और पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को लेकर कई सवाल उठाए। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि केवल धरना-प्रदर्शन करने से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहिए। शाह ने दावा किया कि अगले 30 साल तक कांग्रेस की सत्ता में वापसी की संभावना नहीं है। उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
राहुल गांधी पर अमित शाह का बड़ा हमला
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जनता से जुड़े रहते हैं तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करते हैं। शाह ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि धरना-प्रदर्शन के बजाय उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम करना चाहिए। उन्होंने अगले 30 साल तक राहुल गांधी की बारी नहीं आने की बात कहकर कांग्रेस पर तंज कसा। अपने संबोधन में शाह ने राहुल गांधी की मौजूदगी को लेकर भी टिप्पणी की और उनसे दिल्ली आने की बात कही।
यमुना की सफाई पर कांग्रेस और केजरीवाल को घेरा
दिल्ली में यमुना नदी के प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए अमित शाह ने कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। शाह ने आरोप लगाया कि दिल्ली में वर्षों तक सीवेज का पानी यमुना में गिरता रहा और नदी में प्रतिदिन लगभग 2,000 टन कचरा पहुंचता था। उन्होंने हरियाणा से आने वाले औद्योगिक कचरे और उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रदूषित पानी को भी प्रदूषण की समस्या से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकारें होने के कारण यमुना की सफाई के लिए समन्वित और समयबद्ध योजना तैयार की गई है।
2029 तक साफ यमुना का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 तक यमुना को साफ-सुथरा बनाना है, ताकि लोगों को नदी की बेहतर स्थिति देखने को मिले। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट, नालों के गंदे पानी का शोधन, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण और संबंधित राज्यों के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, यमुना की वास्तविक स्थिति में सुधार का आकलन प्रदूषण के स्तर और सफाई योजनाओं के जमीनी परिणामों से ही किया जा सकेगा।
8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कुल 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ दिल्ली की सफाई, बुनियादी सुविधाओं और यमुना नदी के प्रदूषण जैसे मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे। शाह ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार के कामकाज को कांग्रेस और AAP की पूर्ववर्ती सरकारों से बेहतर बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
पंजाब में नशे के कारोबार पर AAP सरकार को घेरा
अमित शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP के शासनकाल में राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार बढ़ा है। शाह ने कहा कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और आने वाले चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा। गृह मंत्री ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में हार के बाद AAP का ध्यान पंजाब की ओर अधिक हो गया है, जिससे वहां की सरकार के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
पंजाब चुनाव को लेकर अमित शाह का दावा
अमित शाह ने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में AAP को राजनीतिक नुकसान होगा। उनके बयान से स्पष्ट है कि भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे को प्रमुख चुनावी विषय बनाना चाहती है। हालांकि, चुनावी नतीजों को लेकर किए गए दावे राजनीतिक अनुमान हैं। इनका वास्तविक परिणाम मतदाताओं के फैसले और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
कांग्रेस, AAP और भाजपा के बीच तेज हो सकती है राजनीतिक बयानबाजी
अमित शाह के इस संबोधन में तीन प्रमुख मुद्दे सामने आए:
- राहुल गांधी और कांग्रेस: शाह ने कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा।
- यमुना की सफाई: दिल्ली में प्रदूषण की समस्या के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और 2029 तक सफाई का लक्ष्य रखा।
- पंजाब की राजनीति: AAP सरकार पर नशे के मुद्दे को लेकर हमला बोला और NDA की सरकार बनने का दावा किया।
इन बयानों के बाद कांग्रेस और AAP की ओर से संभावित प्रतिक्रियाएं राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकती हैं।
