Anmol Sandesh News Desk, दुर्ग।
Durg Cash Seized: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खुर्सीपार नेशनल हाईवे पर जांच के दौरान पुलिस ने एक बोलेरो मैक्स पिकअप से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए वाहन में विशेष रूप से गुप्त चेंबर बनाया गया था। इसी चेंबर में नकदी के बंडल छिपाकर ले जाए जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वाहन और नकदी जब्त कर ली है तथा आयकर विभाग को भी इसकी सूचना दे दी है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई जा रही थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। नकदी के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
खुर्सीपार नेशनल हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान खुलासा
जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के खुर्सीपार नेशनल हाईवे पर पुलिस की ओर से नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान रायपुर से नागपुर की ओर जा रही एक बोलेरो मैक्स पिकअप को जांच के लिए रोका गया।
शुरुआत में यह सामान्य वाहन जांच का मामला था, लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को गाड़ी में कुछ संदिग्ध नजर आया। इसके बाद वाहन की बारीकी से जांच की गई। जांच में सामने आया कि पिकअप को मॉडिफाई कर उसमें एक गुप्त चेंबर बनाया गया था। इसी चेंबर में नकदी के बंडल छिपाकर रखे गए थे।
जब पुलिस ने गुप्त चेंबर की जांच की तो उसमें से करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नकदी और वाहन को जब्त कर लिया।
गाड़ी में गुप्त चेंबर बनाकर छिपाई गई थी रकम
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि नकदी को सामान्य तरीके से वाहन में रखने के बजाय कथित तौर पर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चेंबर में छिपाया गया था। इससे पुलिस को यह जांच करने का आधार मिला कि रकम को छिपाकर ले जाने की वजह क्या थी।
हालांकि, केवल गुप्त चेंबर में नकदी मिलने से यह साबित नहीं होता कि रकम अवैध है। इसके वास्तविक स्रोत, स्वामित्व और परिवहन के उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब वाहन में सवार लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि नकदी किसकी है, इसे किसने वाहन में रखा और रायपुर से नागपुर ले जाने के पीछे क्या उद्देश्य था।
आयकर विभाग को दी गई सूचना, अब होगी रकम के स्रोत की जांच
करीब 4 करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने आयकर विभाग को मामले की जानकारी दे दी है। अब आयकर विभाग रकम के स्रोत, उसके स्वामित्व और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर सकता है।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद नकदी का किसी कारोबार, वित्तीय लेनदेन या अन्य गतिविधि से संबंध है या नहीं। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, बरामद रकम को लेकर आधिकारिक जांच जारी है। नकदी किसकी है और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, इन सवालों पर पुलिस और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस की कार्रवाई से उठे कई सवाल
दुर्ग में हुई इस कार्रवाई ने नकदी के परिवहन और वाहनों में किए जाने वाले संदिग्ध मॉडिफिकेशन को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। सामान्य वाहन चेकिंग के दौरान इतनी बड़ी रकम का सामने आना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मामला है।
अब जांच का मुख्य केंद्र नकदी का स्रोत, उसके वास्तविक मालिक और परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका होगी। पुलिस की पूछताछ और आयकर विभाग की जांच से मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
