Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार, 26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत श्री रावतपुरा सरकार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान संत श्री ने मुख्यमंत्री का शॉल, श्रीफल और मां राजराजेश्वरी का चित्र भेंट कर स्वागत किया। साथ ही उन्हें मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
राजधानी भोपाल में शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, अनुष्ठान में करीब 50 हजार श्रद्धालु सामूहिक रूप से एक करोड़ अर्चन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करना है।
लाल परेड ग्राउंड में शाम 7 बजे शुरू होगा महाअनुष्ठान
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान सोमवार शाम 7 बजे आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम लगभग ढाई घंटे तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से आए संतों और विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को शाम 5:30 बजे तक आयोजन स्थल पर पहुंचने के लिए कहा गया है। आयोजकों की ओर से प्रवेश निशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर सकें।
बताया गया है कि वाराणसी, हरिद्वार, वृंदावन और रावतपुरा सरकार देवस्थानम से जुड़े संतों तथा करीब 1100 आचार्यों के सहयोग से अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में आचार्यों और श्रद्धालुओं की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बना रही है।
क्या है हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान?
हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन मां राजराजेश्वरी की आराधना से जुड़ा एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है। इसमें निर्धारित विधि के अनुसार देवी की पूजा-अर्चना और अर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की आराधना सुख-समृद्धि, कल्याण और परिवार की खुशहाली की कामना से की जाती है।
इस आयोजन में एक करोड़ अर्चन का संकल्प लिया गया है। करीब 50 हजार श्रद्धालुओं की सामूहिक भागीदारी के साथ होने वाला यह अनुष्ठान धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
एक करोड़ अर्चन के लिए जुटाई गईं 238 प्रकार की सामग्री
इस महाअनुष्ठान की खास बात यह है कि पूजा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से 238 प्रकार की सामग्री मंगाई गई है। आयोजकों के अनुसार, इनमें विभिन्न धार्मिक परंपराओं में इस्तेमाल होने वाली पूजन सामग्री और विशेष अर्पण शामिल हैं।
प्रमुख सामग्री इस प्रकार है:
- नेपाल: रुद्राक्ष।
- केरल: 1100 चांदी के सिक्के।
- सूरत, गुजरात: 11 हजार साड़ियां।
- ओडिशा: नारियल।
- कोलकाता: 21 हजार पान के पत्ते।
- टीकमगढ़, मध्य प्रदेश: 11 हजार कमल के फूल।
- पन्ना, मध्य प्रदेश: 11 लाख रुपये मूल्य के बिल्वपत्र।
- नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश: 21 क्विंटल गुड़।
इतनी बड़ी मात्रा में पूजन सामग्री की व्यवस्था से आयोजन के व्यापक स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों और जिलों से सामग्री जुटाने के पीछे धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा की तैयारियां पूरी करना है।
श्रद्धालुओं के लिए क्या है खास?
महाअनुष्ठान में श्रद्धालुओं को सामूहिक पूजा-अर्चना में भाग लेने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने प्रवेश निशुल्क रखा है। कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं को निर्धारित समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि प्रवेश और बैठने की व्यवस्था सुचारु रूप से की जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संत श्री रावतपुरा सरकार की मुलाकात के बाद इस आयोजन को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा बढ़ी है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह महाअनुष्ठान राजधानी भोपाल के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने जा रहा है।
