Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
MP Weather Update 2026: मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने की संभावना जताई गई है। करवा चौथ के दिन यानी 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम में इस बदलाव से करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं की चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि बादल छाए रहने पर रात में चंद्र दर्शन करना मुश्किल हो सकता है।
मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में दिखाई दे सकता है। कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, बारिश और चंद्र दर्शन की स्थिति स्थानीय मौसम तथा बादलों की मौजूदगी पर निर्भर करेगी।
29 अक्टूबर को इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है।
वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर कम समय में काफी अधिक बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इन जिलों के लोगों को सलाह है कि वे मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय कम दबाव से विकसित मौसम प्रणाली बताई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब सक्रिय हुआ है, जिसके और मजबूत होने की संभावना जताई गई है।
इसके साथ ही एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण के भी मजबूत होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से नमी मध्य भारत की ओर पहुंच सकती है और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
हालांकि, मौसम प्रणालियों की दिशा, तीव्रता और प्रदेश पर पड़ने वाला असर समय के साथ बदल सकता है। इसलिए भारी बारिश की चेतावनी और प्रभावित जिलों की सूची के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का नवीनतम बुलेटिन देखना जरूरी है।
करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी
29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए चंद्र दर्शन विशेष महत्व रखते हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को पूजा करती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
यदि रात में आसमान में घने बादल छाए रहते हैं या बारिश होती है, तो चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, बारिश का पूर्वानुमान होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में चंद्र दर्शन नहीं होंगे। मौसम की स्थिति शहर और इलाके के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों में रहने वाले लोगों को करवा चौथ के दिन स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।
बारिश से पहले रात में बढ़ी ठंडक, दिन में गर्मी का असर
प्रदेश में संभावित बारिश के बीच रात के तापमान में गिरावट और दिन में गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छिंदवाड़ा में 14.4 डिग्री, इंदौर और मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री और शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने की जानकारी दी गई।
दूसरी ओर, दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में अधिकतम तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अमरकंटक में अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस तरह प्रदेश में एक ओर दिन के समय गर्मी महसूस हो रही है, तो दूसरी ओर रात में ठंडक बढ़ने लगी है। बारिश होने पर तापमान में और बदलाव संभव है।
3 अक्टूबर को लौट चुका था मानसून, फिर क्यों हो रही बारिश?
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को होने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अक्टूबर में प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखी गई हैं।
दरअसल, मानसून की वापसी के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश हो सकती है। इन प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ने और बादल बनने की परिस्थितियां बनती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर में दिन में गर्मी, रात में ठंडक और बीच-बीच में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि, किसी विशेष तारीख पर बारिश की तीव्रता का आकलन ताजा मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा: कहीं कोटा पूरा, कहीं कमी
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मध्य प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा। कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में औसत से कम पानी गिरा।
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बताया गया है। वहीं, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी समेत कुछ जिलों में बारिश की कमी दर्ज होने की बात कही गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी औसत से कम बारिश हुई। रिपोर्ट में आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी का उल्लेख है।
जून में सामान्य से कम बारिश होने और मानसून के दौरान बीच-बीच में ब्रेक आने को कुल बारिश में कमी की प्रमुख वजह बताया गया है। हालांकि, अक्टूबर की बारिश से कुछ जिलों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में अक्टूबर का मौसम कैसा रहता है?
अक्टूबर मध्य प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना माना जाता है। इस दौरान दिन में तेज धूप और गर्मी रह सकती है, जबकि रात में तापमान गिरने लगता है। कुछ वर्षों में बारिश भी होती है।
- भोपाल: अक्टूबर में दिन का तापमान कई बार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है। बारिश होने पर बादल छाने और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है।
- इंदौर: महीने के आखिरी सप्ताह में रात की ठंडक बढ़ सकती है। कुछ वर्षों में अक्टूबर में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई है।
- ग्वालियर: अक्टूबर में दिन गर्म रह सकते हैं, जबकि रात में तापमान कम होने लगता है। मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर बारिश की संभावना बन सकती है।
- जबलपुर: पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थित होने के कारण सक्रिय मौसम प्रणालियों के दौरान यहां बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
- उज्जैन: अक्टूबर में सामान्य तौर पर गर्म दिन और अपेक्षाकृत ठंडी रातें देखने को मिलती हैं, लेकिन मौसम प्रणाली के असर से बारिश भी हो सकती है।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
संभावित भारी बारिश को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
- मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखें।
- तेज बारिश या गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने की कोशिश न करें।
- करवा चौथ की पूजा और बाहर निकलने की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम को ध्यान में रखें।
- बारिश और बादलों की स्थिति के अनुसार चंद्र दर्शन के लिए धैर्य रखें और स्थानीय धार्मिक परंपरा का पालन करें।
