Saturday, October 31, 2026
Homeअन्य राज्यYemen War: हूतियों का बड़ा हमला! अदन में राष्ट्रपति भवन पर दागीं...

Yemen War: हूतियों का बड़ा हमला! अदन में राष्ट्रपति भवन पर दागीं 2 बैलिस्टिक मिसाइलें, एयरपोर्ट भी निशाने पर; सऊदी अरब की ओर भेजा ड्रोन मार गिराया गया

Anmol Sandesh News Desk, सना/अदन |

यमन में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को यमन के अदन शहर में राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाते हुए दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही अदन एयरपोर्ट पर भी मिसाइल हमले की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने यमन में जारी संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद राष्ट्रपति भवन की ओर एंबुलेंस जाती हुई देखी गईं। हालांकि, मिसाइलें अपने निर्धारित लक्ष्य पर लगीं या नहीं और हमले में कितने लोग हताहत हुए, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इतना ही नहीं, हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के मदीना इलाके की दिशा में भी ड्रोन भेजे जाने की खबर है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया।

15 दिन में राष्ट्रपति भवन पर दूसरी बार हमला, पहले गई थी 4 लोगों की जान

अदन स्थित राष्ट्रपति भवन पर यह करीब 15 दिनों के भीतर दूसरा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले 15 अक्टूबर को भी राष्ट्रपति भवन परिसर को निशाना बनाया गया था। उस हमले में चार लोगों की मौत हुई थी।

इस बार हूतियों ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों से राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया। यमन सरकार के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, अदन एयरपोर्ट पर भी मिसाइल हमला किया गया।

हमले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबरें हैं। हालांकि, ताजा हमले में जान-माल के नुकसान का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है।

अदन एयरपोर्ट भी निशाने पर, राहत सामग्री पहुंचाने का अहम रास्ता

हूती विद्रोहियों ने अदन एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया है। इससे पहले 28 अक्टूबर को भी एयरपोर्ट पर हमले की खबर सामने आई थी।

अदन एयरपोर्ट दक्षिणी यमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र में मानवीय सहायता, राहत सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाने का प्रमुख रास्ता माना जाता है।

लगातार हो रहे हमलों से यहां राहत और बचाव कार्यों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

मदीना की ओर भेजा ड्रोन, सऊदी गठबंधन ने मार गिराने का किया दावा

यमन में हमले के बीच सऊदी अरब ने भी एक बड़ा दावा किया है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के मुताबिक, मदीना की दिशा में आए एक ड्रोन को शुक्रवार को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।

इससे पहले गठबंधन मक्का की ओर आए एक ड्रोन को भी मार गिराने का दावा कर चुका है।

मक्का में इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल काबा और ग्रैंड मस्जिद स्थित हैं, जबकि मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद है। ऐसे में इन शहरों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि बेहद संवेदनशील मानी जाती है।

सऊदी अरब ने अक्टूबर में हूती विद्रोहियों पर मदीना के बिजली वितरण केंद्र को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। यह केंद्र पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद को बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, हूतियों ने इस आरोप को खारिज किया था।

हूती विद्रोही मक्का और मदीना को निशाना बनाने से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके हमले सऊदी अरब के सैन्य और तेल से जुड़े ठिकानों पर केंद्रित होते हैं।

अदन क्यों है इतना महत्वपूर्ण? यमन सरकार का प्रमुख केंद्र

अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 2014 में हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद तत्कालीन सरकार को सना छोड़ना पड़ा और अदन सरकार का महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं प्रशासनिक केंद्र बन गया।

यमन में सत्ता को लेकर संघर्ष लंबे समय से जारी है। हूती विद्रोही देश के बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है।

जुलाई से अदन में हमलों की घटनाओं में तेजी आने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर लगातार हमले यमन की राजनीतिक स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

2015 से जारी है सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष

यमन का गृहयुद्ध केवल दो पक्षों के बीच सत्ता की लड़ाई नहीं रह गया है। इसमें क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका भी लगातार महत्वपूर्ण रही है।

संघर्ष की प्रमुख घटनाएं:

  • 2014: हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर लिया।
  • 2015: सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया।
  • इसके बाद: यमन में लगातार हवाई हमले और सैन्य संघर्ष होते रहे।
  • कई वर्षों तक: सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हूतियों को पूरी तरह सत्ता से हटाने में सफल नहीं हो पाया।
  • वर्तमान स्थिति: हूती यमन के बड़े हिस्से में प्रभाव बनाए हुए हैं और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बने हुए हैं।

सऊदी अरब का उद्देश्य यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को दोबारा मजबूत करना और हूतियों के प्रभाव को कम करना रहा है।

आधुनिक हथियारों के बावजूद हूतियों को क्यों नहीं हरा पा रहा सऊदी अरब?

यह सवाल लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय रहा है कि आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम और अमेरिका जैसे देशों के समर्थन के बावजूद सऊदी अरब हूतियों को निर्णायक रूप से क्यों नहीं हरा पाया।

इसके पीछे कई अहम वजहें मानी जाती हैं।

  1. सस्ते ड्रोन और मिसाइलों की चुनौती

हूती विद्रोही अपेक्षाकृत कम लागत वाले ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर, इन्हें रोकने के लिए सऊदी अरब को महंगे एयर डिफेंस इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ सकते हैं। इससे रक्षा पर होने वाला खर्च बढ़ता है।

  1. यमन का दुर्गम पहाड़ी इलाका

यमन का बड़ा हिस्सा पहाड़ी और दुर्गम है। ऐसे इलाकों में विद्रोहियों के ठिकानों की पहचान करना और उन पर नियंत्रण स्थापित करना आसान नहीं है।

  1. जमीनी युद्ध का बड़ा जोखिम

हूतियों को पूरी तरह पीछे धकेलने के लिए बड़े स्तर पर जमीनी सैन्य अभियान की जरूरत पड़ सकती है। इसमें सैनिकों के हताहत होने और संघर्ष के लंबे समय तक चलने का खतरा है।

  1. क्षेत्रीय राजनीति और बाहरी समर्थन

ईरान पर हूती विद्रोहियों को राजनीतिक, सैन्य और तकनीकी समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, ईरान और हूती नेतृत्व के बीच संबंधों की प्रकृति को लेकर अलग-अलग आकलन मौजूद हैं।

क्या यमन का संघर्ष अब बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर हमले तथा सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजे जाने की घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर हैं।

यदि हमले इसी तरह जारी रहते हैं, तो यमन के भीतर संघर्ष और गहरा सकता है। साथ ही सऊदी अरब की सुरक्षा, लाल सागर क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और मानवीय सहायता पहुंचाने के प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular