Anmol Sandesh News Desk | नई दिल्ली
Weather Update 2026: देश के कई राज्यों में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर अब भी देखने को मिल रहा है। कहीं तेज बारिश और ओलावृष्टि से मौसम ठंडा हो गया है, तो कहीं बर्फबारी और भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिरे हैं, वहीं उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फबारी का दौर जारी है।
दूसरी तरफ ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की मौत होने की खबर है। मृतकों में नौ महीने का एक बच्चा भी शामिल है। बिहार में भी बारिश का सिलसिला जारी है।
इस बीच मौसम विभाग ने एक और बड़े मौसमी बदलाव की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद यह आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है। 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
अर्नब का असर बरकरार, कई राज्यों में बदला मौसम
चक्रवात अर्नब कमजोर होने के बाद भी देश के कई हिस्सों में मौसम को प्रभावित कर रहा है। बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
राजस्थान में कई स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। वहीं ओडिशा में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पुराने चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद उससे जुड़ी मौसमी परिस्थितियां कुछ समय तक बारिश और तापमान में बदलाव का कारण बन सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की आशंका
अभी अर्नब का असर पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 31 अक्टूबर के आसपास डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
इसके बाद यह सिस्टम आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है।

2 और 3 नवंबर को संभावित असर:
- तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश।
- तेज हवाएं चलने की संभावना।
- गरज-चमक के साथ बारिश।
- निचले इलाकों में जलभराव का खतरा।
- समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और समुद्री गतिविधियों के लिए परेशानी।
हालांकि, फिलहाल नए सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं हुई है। IMD के पूर्वानुमान में डिप्रेशन बनने की संभावना जताई गई है।
1 नवंबर को इन राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 नवंबर को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है:
- अरुणाचल प्रदेश
- ओडिशा
- तमिलनाडु
- पुडुचेरी
- रायलसीमा
- केरल
- आंध्र प्रदेश
इन इलाकों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

2 नवंबर को आंध्र प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट
2 नवंबर को आंध्र प्रदेश में मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है। यहां भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा निम्न राज्यों और क्षेत्रों में येलो अलर्ट की चेतावनी है:
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
- तमिलनाडु
- पुडुचेरी
- रायलसीमा
- केरल
- कर्नाटक
लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड: केदारनाथ-बद्रीनाथ में बर्फबारी, 9 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। इससे पहाड़ों में ठंड बढ़ गई है।
चक्रवात अर्नब से जुड़े मौसमी बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बीच प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में बाढ़ और भूस्खलन से 3 की मौत
ओडिशा में चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया है।
शुक्रवार को बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नौ महीने का एक मासूम बच्चा भी शामिल बताया गया है।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं।
लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों के सामने भी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
बिहार: 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
बिहार में भी चक्रवात अर्नब का असर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बढ़ने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजस्थान: बारिश और ओलावृष्टि से गिरा तापमान
राजस्थान में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश हुई और कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे।
बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं के कारण कई शहरों में दिन के तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए ओलावृष्टि चिंता का कारण बन सकती है।
खेतों में खड़ी फसलों को ओलों से नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला, 15 दिन निर्माण पर रोक
मौसम के साथ-साथ राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक दिल्ली-NCR में धूल उड़ाने वाले बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
इसका उद्देश्य दिवाली और सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।

किन इलाकों में लागू होंगे प्रतिबंध?
- दिल्ली
- गाजियाबाद
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- सोनीपत
- गौतम बुद्ध नगर
50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
CAQM के आदेश के मुताबिक दिल्ली और इन पांच NCR जिलों के सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आ सकेंगे। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा।
यह व्यवस्था 5 से 20 नवंबर तक लागू रहेगी। आवश्यक सेवाओं और उन औद्योगिक प्रतिष्ठानों को छूट दी गई है, जहां यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।
इन परियोजनाओं को मिलेगी छूट:
- रेलवे और मेट्रो परियोजनाएं।
- एयरपोर्ट और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल।
- अस्पताल।
- जलापूर्ति और स्वच्छता परियोजनाएं।
- राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट।
- राष्ट्रीय महत्व की अन्य आवश्यक परियोजनाएं।
हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और अन्य धूल पैदा करने वाले बाहरी निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लागू होगा।
हरियाणा: दिन और रात के तापमान में आएगी गिरावट
हरियाणा में पिछले दो दिनों से जारी बारिश और मौसमी हलचल के बाद अब मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है।
आसमान साफ होने के साथ ही दिन और रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इससे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ सकता है।
मौसम में बदलाव के चलते सुबह और रात के समय लोगों को हल्की ठंड महसूस होने लगेगी।
देश के मौसम का पूरा हाल एक नजर में
| राज्य/क्षेत्र | मौसम की स्थिति |
| राजस्थान | बारिश और ओलावृष्टि |
| उत्तराखंड | ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी |
| ओडिशा | भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन |
| बिहार | 13 जिलों में बारिश का अलर्ट |
| आंध्र प्रदेश | 2 नवंबर को ऑरेंज अलर्ट |
| छत्तीसगढ़ | 2 नवंबर को येलो अलर्ट |
| तमिलनाडु | बारिश की संभावना |
| केरल | बारिश का अलर्ट |
| हरियाणा | तापमान में गिरावट की संभावना |
| दिल्ली-NCR | निर्माण पर रोक और 50% वर्क फ्रॉम होम |
मौसम विभाग की सलाह: खराब मौसम में बरतें सावधानी
देश के कई राज्यों में बारिश, बिजली गिरने, तेज हवाओं और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
- आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जांचें।
- भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों के पास जाने से बचें।
- समुद्र में जाने वाले मछुआरे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
- किसानों को ओलावृष्टि और तेज बारिश से फसलों की सुरक्षा के लिए स्थानीय कृषि सलाह का पालन करना चाहिए।
