Anmol Sandesh News Desk | भोपाल, मध्य प्रदेश
Hardeep Singh Puri Rajya Sabha By-Election Nomination: मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के साथ ही राज्यसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विधानसभा में भाजपा के मजबूत संख्याबल को देखते हुए पुरी की जीत की संभावनाएं काफी मजबूत मानी जा रही हैं। वहीं, कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है।
इससे पहले हरदीप सिंह पुरी भोपाल के करुणाधाम मंदिर पहुंचे और देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। फिर भाजपा नेताओं की मौजूदगी में विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।
करुणाधाम मंदिर में लिया आशीर्वाद, फिर पहुंचे CM आवास
नामांकन दाखिल करने से पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भोपाल के प्रसिद्ध करुणाधाम मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद लिया।
इसके बाद वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद वे विधानसभा के लिए रवाना हुए।
नामांकन के दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस मौके पर पार्टी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
CM मोहन यादव बोले- हमारे लिए दिवाली से पहले का उपहार
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जाहिर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है, यह प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसे दिवाली से पहले प्रदेश के लिए एक उपहार बताया।
सीएम ने उम्मीद जताई कि हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन का लाभ केवल केंद्र सरकार को ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार और प्रदेश के विकास को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी रहे मौजूद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हरदीप सिंह पुरी ने अपना नामांकन दाखिल किया है।
इस दौरान भाजपा के कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
12 नवंबर को होगा राज्यसभा उपचुनाव, जानिए पूरा शेड्यूल
निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए 26 अक्टूबर 2026 को चुनाव की अधिसूचना जारी की थी।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतदान और मतगणना 12 नवंबर को होगी।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम:
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख और समय |
| अधिसूचना जारी | 26 अक्टूबर 2026 |
| नामांकन की अंतिम तारीख | 2 नवंबर 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 3 नवंबर 2026 |
| नाम वापसी की अंतिम तारीख | 5 नवंबर 2026 |
| मतदान | 12 नवंबर 2026 |
| मतदान का समय | सुबह 9 से शाम 4 बजे |
| मतगणना | 12 नवंबर, शाम 5 बजे |
| निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने की तारीख | 16 नवंबर 2026 |
इस चुनाव में मध्य प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करेंगे। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में विधानसभा के सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
आखिर क्यों हो रहा है राज्यसभा उपचुनाव?
मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर उपचुनाव पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के कारण हो रहा है।
डॉ. एल. मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा की यह सीट खाली हो गई, जिसके लिए निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की।
बताया गया कि मुरुगन ने वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन और जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई थी।
मध्य प्रदेश विधानसभा में BJP का मजबूत संख्याबल
राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह मध्य प्रदेश विधानसभा में पार्टी का संख्याबल है।
विधानसभा की मौजूदा स्थिति के अनुसार:
- भारतीय जनता पार्टी – 164 विधायक
- कांग्रेस – 65 विधायक
इस तरह भाजपा के पास कांग्रेस के मुकाबले काफी अधिक विधायक हैं।
राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले इस उपचुनाव में भाजपा को अपने उम्मीदवार की जीत के लिए मजबूत स्थिति प्राप्त है।
हालांकि, अंतिम परिणाम मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घोषित होगा।
कांग्रेस ने अब तक नहीं उतारा उम्मीदवार
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के बाद अब सबकी नजर कांग्रेस के अगले कदम पर है।
कांग्रेस ने अभी तक इस उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
विधानसभा में भाजपा के पास 164 और कांग्रेस के पास 65 विधायक होने के कारण मुकाबले में भाजपा का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।
ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या कांग्रेस इस चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी या भाजपा प्रत्याशी के सामने मुकाबला नहीं करेगी।
पहले भी तीन राज्यसभा सीटों पर भाजपा ने दर्ज की थी जीत
मध्य प्रदेश में कुछ महीने पहले तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे। इन चुनावों में भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवल निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
इसके बाद अब राज्यसभा की एक और रिक्त सीट पर उपचुनाव हो रहा है।
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के बाद भाजपा की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। अगर मतदान में संख्याबल के अनुसार समर्थन मिलता है, तो उनका राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वे पूर्व भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी भी रह चुके हैं।
उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में लंबे समय तक काम किया और संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए उनकी उम्मीदवारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब 12 नवंबर पर टिकी सभी की नजरें
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के साथ मध्य प्रदेश के राज्यसभा उपचुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ होती दिखाई दे रही है। एक तरफ भाजपा के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। अब देखना होगा कि कांग्रेस चुनावी मैदान में उतरती है या नहीं और 12 नवंबर को होने वाली मतदान प्रक्रिया के बाद राज्यसभा में मध्य प्रदेश का नया प्रतिनिधि कौन बनता है। फिलहाल हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
