Thursday, November 5, 2026
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दिवाली से पहले MP में सफाई कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल,भोपाल में कचरा कलेक्शन ठप, न्यू मार्केट समेत कई इलाकों में गंदगी का अंबार !

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।

MP Safai Karamchari Strike 2026: मध्य प्रदेश में दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रदेशभर के करीब एक लाख सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसका सीधा असर शहरों की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल में लगातार दूसरे दिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन प्रभावित हुआ है। मुख्य बाजारों, सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं।

त्योहारी सीजन में बाजारों में पहले से ही खरीदारी और लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई है। ऐसे में सफाई व्यवस्था ठप होने से व्यापारियों और आम नागरिकों की परेशानी भी बढ़ गई है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल ने नगर निगमों और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

भोपाल में लगातार दूसरे दिन कचरा कलेक्शन प्रभावित

राजधानी भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार, 4 नवंबर को शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र न्यू मार्केट में जगह-जगह कचरा फैला नजर आया। बाजार में गंदगी बढ़ने से दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

हालात को देखते हुए व्यापारियों ने खुद पहल करते हुए वॉलिंटियर्स की मदद से सफाई कराई। इसके बावजूद नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था प्रभावित रही।

जानकारी के मुताबिक, भोपाल में करीब 10 हजार सफाई कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। नगर निगम की 400 से अधिक कचरा संग्रहण गाड़ियां सामान्य दिनों में घरों और व्यावसायिक क्षेत्रों से कचरा एकत्र करती हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।

प्रदेश के 16 नगर निगम और 374 नगर परिषदों में असर

ऑल इंडिया सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगर निगमों और 374 नगर परिषदों के एक लाख से अधिक सफाई कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं।

हड़ताल के कारण केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। नियमित कचरा संग्रहण नहीं होने से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा हो रहा है।

अगर हड़ताल लंबी खिंचती है, तो दिवाली के दौरान बाजारों, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए मुश्किल हो सकता है।

ACS संजय दुबे से मुलाकात भी रही बेनतीजा

सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर बुधवार को ऑल इंडिया सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे से मुलाकात की।

यूनियन के प्रतिनिधियों को उम्मीद थी कि बातचीत के जरिए उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय निकल सकता है, लेकिन बैठक में सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद यूनियन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।

यूनियन के अध्यक्ष मगन झांझोट के मुताबिक, सभी पदाधिकारियों की सहमति से हड़ताल शुरू की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिला है।

आखिर किन मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारी?

सफाई कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें नौकरी की सुरक्षा, बेहतर वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

  1. सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले

नगर निगमों और नगरीय निकायों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की जा रही है। यूनियन का कहना है कि लंबे समय से सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

  1. न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये किया जाए

कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उनका न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई में कम वेतन पर परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

  1. अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान हो

यूनियन चाहती है कि किसी सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए, ताकि परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

  1. ठेका व्यवस्था खत्म कर कर्मचारियों को स्थायी किया जाए

सफाई कर्मचारियों की एक बड़ी मांग ठेका प्रथा समाप्त करने की है। यूनियन का कहना है कि ठेका व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और नियमित सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इसलिए ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी किया जाना चाहिए।

दिवाली पर सफाई व्यवस्था बनी प्रशासन की बड़ी चुनौती

दिवाली से पहले बाजारों और रिहायशी इलाकों में साफ-सफाई की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। इस दौरान दुकानों, बाजारों और घरों से सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा निकलता है।

ऐसे समय में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से शहरों में गंदगी बढ़ने की आशंका है। भोपाल में न्यू मार्केट जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में इसका असर दिखाई देने लगा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत कब तक सफल होती है? क्या दिवाली से पहले हड़ताल समाप्त होगी या प्रदेश के शहरों में गंदगी का संकट और गहराएगा?

फिलहाल कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। वहीं, आम जनता को त्योहार से पहले साफ-सुथरे शहर और नियमित कचरा कलेक्शन बहाल होने का इंतजार है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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