Thursday, November 5, 2026
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केदारताल ट्रैक पर मौत का तांडव! हिमस्खलन में लापता 8 में से 6 के शव बरामद, लखनऊ की दो सगी बहनों की भी मौत; 2 की तलाश जारी !

Anmol Sandesh News Desk, उत्तरकाशी।

Kedartal Avalanche Tragedy: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन और भारी बर्फबारी ने बड़ा हादसा कर दिया। दुर्गम पहाड़ी रास्ते पर एवलांच की चपेट में आकर लापता हुए 8 लोगों में से अब तक 6 के शव बरामद किए जा चुके हैं। बुधवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान 4 और शव मिले। इनमें लखनऊ के गायत्रीपुरम की रहने वाली ट्रैकर बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं। हादसे के बाद दोनों बहनों के परिवार में मातम पसरा हुआ है।

इससे पहले मंगलवार को दो शव बरामद किए गए थे। अब दो अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। खराब मौसम, लगातार बर्फबारी और कम दृश्यता के कारण बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अभियान में अब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीम को भी शामिल किया गया है। ITBP के जवान विशेष हेलिकॉप्टर की मदद से दुर्गम इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में NDRF, SDRF, उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) की टीमें भी जुटी हुई हैं। बुधवार को हेलिकॉप्टर के जरिए बरामद चारों शवों को मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है।

29 अक्टूबर को हिमस्खलन की चपेट में आया था ट्रैकिंग दल

जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के ट्रैकर्स, स्थानीय गाइड और सपोर्ट स्टाफ सहित कुल 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। इस दल में 7 ट्रैकर, उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और 5 सपोर्ट स्टाफ शामिल थे।

दल का कार्यक्रम 29 अक्टूबर तक वापस लौटने का था। लेकिन वापसी के दौरान भोजखड़क और कच्ची ढांग के आसपास अचानक हिमस्खलन और बर्फबारी हो गई। इसकी चपेट में आने से 8 लोग लापता हो गए, जबकि बाकी सदस्य सुरक्षित लौटने में सफल रहे।

30 अक्टूबर को दल के चार सदस्य सुरक्षित गंगोत्री पहुंचे। इनमें तीन नेपाली पोर्टर और कुक रोहन राणा शामिल थे। उन्होंने प्रशासन को आठ लोगों के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद 31 अक्टूबर से SDRF, NDRF, पुलिस और वन विभाग की टीमों ने तलाश अभियान शुरू किया।

अब तक 6 शव बरामद, दो लोगों की तलाश जारी

हादसे के बाद से ही प्रशासन और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। मंगलवार को अभियान के दौरान दो शव बरामद हुए थे। बुधवार सुबह तलाशी अभियान को आगे बढ़ाते हुए चार और शव मिले। इस तरह अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं।

बचाव अभियान में ITBP के शामिल होने से तलाशी के प्रयासों को और तेज किया गया है। हेलिकॉप्टर की मदद से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने और शवों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि, लगातार बर्फबारी और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीमों को हर कदम पर चुनौती मिल रही है। पहाड़ी रास्तों पर जमी बर्फ और कम विजिबिलिटी के चलते तलाशी अभियान प्रभावित हो रहा है।

लखनऊ की दो सगी ट्रैकर बहनों की भी मौत

इस हादसे में लखनऊ के गायत्रीपुरम की रहने वाली वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) की भी जान चली गई। दोनों सगी बहनों को पहाड़ों और ट्रैकिंग का शौक था। वे उत्तराखंड और नेपाल के कई दुर्गम ट्रैक पूरे कर चुकी थीं।

जानकारी के मुताबिक, करीब दो महीने पहले ही दोनों बहनें फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की ट्रैकिंग करके लौटी थीं। इस बार वे केदारताल ट्रैकिंग दल का हिस्सा बनी थीं, लेकिन रास्ते में आए हिमस्खलन ने उनकी जिंदगी छीन ली।

बुधवार को ITBP की टीम ने दोनों बहनों के शव बरामद किए। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों बहनों के भाई अतुल वर्मा परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे थे। उन्होंने ट्रैकिंग एजेंसी पर घटना की जानकारी समय पर नहीं देने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

पश्चिम बंगाल के पांच ट्रैकर भी हादसे का शिकार

लापता लोगों की सूची में पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के पांच ट्रैकर भी शामिल थे। इनमें तापस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) के नाम बताए गए हैं।

इसके अलावा उत्तरकाशी के 25 वर्षीय स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा भी लापता लोगों में शामिल थे। उत्तर प्रदेश की वर्तिका और दीपिका वर्मा भी इसी दल का हिस्सा थीं।

अब तक छह शव बरामद होने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। दो लोगों की तलाश के लिए बचाव टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।

बंगाल के मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, केंद्र से मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बांकुरा के पांच युवकों के लापता होने पर चिंता जताई है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और SDRF से युवकों को जल्द से जल्द तलाशने की अपील की।

इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस घटना की रिपोर्ट मांगी है। हादसे में पश्चिम बंगाल के युवकों के शामिल होने की खबर के बाद वहां के परिजनों और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।

गाइड के परिजनों ने सेना और एयरफोर्स की मदद मांगी

हादसे में लापता स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा के परिजन और ग्रामीण भी प्रशासन से लगातार संपर्क कर रहे हैं। सिद्धार्थ के पिता मोहन राणा सहित ग्रामीण उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य से मुलाकात की।

परिजनों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की मांग की। उन्होंने अभियान में सेना और एयरफोर्स के आधुनिक हेलिकॉप्टरों को शामिल करने की अपील भी की, ताकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।

खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती लगातार हो रही बर्फबारी और कम विजिबिलिटी है। ऊंचाई वाले इलाके में बर्फ जमने के कारण बचाव दलों की आवाजाही मुश्किल हो रही है। इसके बावजूद ITBP, NDRF, SDRF, पुलिस, वन विभाग और NIM की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।

केदारताल ट्रैक पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग के दौरान मौसम की अनिश्चितता और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की नजरें बाकी दो लापता लोगों की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन के अगले चरण पर टिकी हैं।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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