Anmol Sandesh News Desk, वॉशिंगटन डीसी।
US Midterm Elections 2026: अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में भारतीय मूल के पांच नेताओं ने जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि ये सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हैं। इनमें चार नेताओं ने अपनी सीट बरकरार रखी, जबकि पिया दांडिया पहली बार अमेरिकी संसद पहुंचने में सफल रहीं।
जीतने वाले भारतीय-अमेरिकी नेताओं में एमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम और पिया दांडिया शामिल हैं। इन जीतों के साथ अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के समुदाय की मौजूदगी और मजबूत हुई है। वहीं, एक अन्य भारतीय मूल के उम्मीदवार अमीष शाह के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी खबरें सामने आई हैं, हालांकि उन्हें विजेताओं की इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।
इस बार भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उनके समर्थन में प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद वह डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से चुनाव हार गए।
अमेरिकी संसद में पहुंचे पांच भारतवंशी, जानिए किसे कहां मिली जीत
1. एमी बेरा: लगातार आठवीं बार जीतकर बनाया रिकॉर्ड
कैलिफोर्निया के तीसरे संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार एमी बेरा ने लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।
पेशे से डॉक्टर एमी बेरा पहली बार 2013 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य बने थे। लगातार आठवीं जीत के साथ वह अमेरिकी संसद में भारतीय मूल के सबसे लंबे समय से सेवा दे रहे नेताओं में शामिल हैं।

2. रो खन्ना: छठी बार संसद में पहुंचेंगे
कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक नेता रो खन्ना ने लगातार छठी बार जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को हराया।
रितेश टंडन इससे पहले भी 2020 और 2022 के चुनावों में रो खन्ना के खिलाफ मैदान में उतर चुके थे। इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। रो खन्ना की जीत से सिलिकॉन वैली क्षेत्र में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है।

3. प्रमिला जयपाल: लगातार छठी जीत, भारतीय मूल की पहली महिला सांसद
वॉशिंगटन के सातवें संसदीय क्षेत्र से प्रमिला जयपाल ने लगातार छठी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को बड़े अंतर से हराया।
प्रमिला जयपाल का जन्म चेन्नई में हुआ था। वह 2017 से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य हैं और अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। उनकी लगातार छठी जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

4. सुहास सुब्रमण्यम: दूसरी बार अमेरिकी संसद में बनाई जगह
वर्जीनिया के 10वें संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार सुहास सुब्रमण्यम ने दूसरी बार जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया।
सुहास का जन्म टेक्सास के ह्यूस्टन में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। पेशे से वकील सुहास पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर काम कर चुके हैं।
जीत के बाद उन्होंने लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का संदेश देते हुए कहा कि अपनी आवाज उठाइए। उन्होंने अपनी चुनावी जीत का उदाहरण देते हुए लोगों को भी आगे आने के लिए प्रेरित किया।

5. पिया दांडिया: पहली बार अमेरिकी संसद में पहुंचीं
इस चुनाव की खास उपलब्धियों में पिया दांडिया की जीत भी शामिल है। फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने रिपब्लिकन प्रत्याशी केसी अस्कर को हराया।
पिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 48.1 प्रतिशत वोट हासिल हुए। 39 वर्षीय पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। राजनीति में आने से पहले पिया शिक्षिका के तौर पर काम कर चुकी हैं।
इस जीत के साथ पिया पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य बनने जा रही हैं।

ट्रंप और जेडी वेंस का प्रचार भी नहीं आया काम, विवेक रामास्वामी हारे
भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर चुनाव में बड़ा झटका लगा है। उन्हें डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने हराकर जीत हासिल की।
रामास्वामी के समर्थन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रचार किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके लिए वोट मांगने पहुंचे थे। इसके बावजूद रामास्वामी चुनावी मुकाबला नहीं जीत सके।
एमी एक्टन ने चुनाव में लगभग 52.3 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि रामास्वामी को करीब 44.4 प्रतिशत वोट मिले। इस जीत के साथ एमी एक्टन ओहायो की पहली महिला निर्वाचित गवर्नर बनने जा रही हैं। राज्य में करीब दो दशक बाद डेमोक्रेटिक पार्टी का गवर्नर चुना गया है।
गौरतलब है कि विवेक रामास्वामी ने 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पेश की थी। बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस लेकर डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था। इस बार गवर्नर पद की दौड़ में उन्हें ट्रंप का खुला समर्थन मिला, लेकिन नतीजा उनके पक्ष में नहीं रहा।

राज्यों के चुनावों में भी भारतवंशियों की बड़ी जीत
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने केवल प्रतिनिधि सभा तक ही अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं कराई, बल्कि राज्य और स्थानीय स्तर के चुनावों में भी कई महत्वपूर्ण जीत हासिल की हैं।
अरुणा मिलर ने दोबारा जीता मैरीलैंड का चुनाव
भारतीय मूल की अरुणा मिलर ने मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में दोबारा जीत हासिल की है। उन्होंने डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव लड़ते हुए रिपब्लिकन उम्मीदवारों को शिकस्त दी। अरुणा मिलर का जन्म हैदराबाद में हुआ था।
स्टेट असेंबली में भी भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा
टेक्सास से पूजा सेठी, पेंसिल्वेनिया से अरविंद वेंकट और जॉर्जिया से ज्योत सिंह ने चुनाव में जीत दर्ज की है। ज्योत सिंह की जीत को खास उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि वह जॉर्जिया की जनरल असेंबली में पहुंचने वाले पहले भारतीय मूल के अमेरिकी और पहले सिख अमेरिकी बने हैं।
वहीं, इलिनॉय में राम विल्लीवलम और नबीला सैयद ने राज्य सीनेट में अपनी सीटें दोबारा हासिल की हैं।
कई अन्य पदों पर भी भारतीय मूल के उम्मीदवार सफल
भारतीय मूल के जोश कौल ने विस्कॉन्सिन के अटॉर्नी जनरल पद का चुनाव जीता। वहीं, अपर्णा राज ने वॉशिंगटन डीसी काउंसिल के वार्ड-1 से जीत हासिल की।
नित्या रमन मेयर पद की दौड़ में, कई उम्मीदवारों को मिली हार
लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में भारतीय मूल की नित्या रमन का नाम भी चर्चा में रहा। शुरुआती रुझानों में वह मौजूदा मेयर करेन बैस से आगे बताई जा रही थीं। नित्या रमन पेशे से शहरी योजनाकार हैं और सिटी काउंसिल की सदस्य हैं। हालांकि, शुरुआती रुझानों को अंतिम चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर, कई भारतीय मूल के उम्मीदवारों को हार का सामना भी करना पड़ा। न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमतिरड्डी अटॉर्नी जनरल का चुनाव हार गईं। नॉर्थ कैरोलाइना में महेश गनोरकर, मिशिगन में निर्दलीय उम्मीदवार अनिल कुमार और ओहायो में निर्दलीय संदीप दीक्षित को भी चुनाव में सफलता नहीं मिली।
अमेरिकी राजनीति में बढ़ता भारतवंशियों का प्रभाव
2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजे बताते हैं कि भारतीय मूल के नेता अमेरिकी राजनीति में लगातार अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस से लेकर राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों तक उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
एक ओर डेमोक्रेटिक पार्टी के पांच भारतीय-अमेरिकी नेताओं ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जीत दर्ज की, तो दूसरी ओर राज्य स्तर पर भी कई भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की। वहीं, विवेक रामास्वामी की हार ने यह भी दिखाया कि बड़े राजनीतिक समर्थन और प्रचार के बावजूद चुनावी जीत की गारंटी नहीं होती।
