Thursday, November 5, 2026
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‘भागता नहीं तो अपराधी कैसे बनता?’ रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के हत्यारोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा, बोला- अधिकारी होना एक ब्रांड है!

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।

Bhopal Retired IAS Rakesh Agrawal Murder Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में आरोपी वरुण कुमार के खुलासों ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने पूछताछ के दौरान हत्या की वजह बताते हुए पूर्व IAS अधिकारी के व्यवहार और बात करने के तरीके को लेकर नाराजगी जाहिर की है। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि IAS एक ब्रांड होता है और अधिकारी का व्यवहार बेहद रूखा था। इसी बात को लेकर उसके मन में गुस्सा और नाराजगी बढ़ती गई, जिसके बाद उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

इस हत्याकांड के बाद से ही पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में सामने आए उसके बयानों से पुलिस भी कई पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के कथित कबूलनामे में कुछ ऐसे बयान सामने आए हैं, जो उसकी मानसिक स्थिति, पूर्व रंजिश और अपराध के बाद फरार होने की मंशा को लेकर कई सवाल खड़े करते हैं।

‘भागता नहीं तो अपराधी कैसे बनता?’

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी वरुण कुमार से जब सवाल किया गया कि हत्या करने के बाद वह मौके से फरार क्यों हुआ, तो उसने कथित तौर पर बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया।

उसने कहा, ‘मैं तुरंत पकड़ा जाता तो कोई मुझे जान नहीं पाता। अगर भागता नहीं तो अपराधी कैसे बनता?’

आरोपी के इस बयान को पुलिस उसकी सोच और अपराध के बाद की गतिविधियों के संदर्भ में देख रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वरुण के मन में रिटायर्ड IAS अधिकारी को लेकर पहले से ही नाराजगी और कुंठा थी। इसी व्यक्तिगत रंजिश को हत्या की एक संभावित वजह माना जा रहा है।

‘महिलाओं जैसे हाथ हैं’, इस टिप्पणी से था गुस्सा!

पूछताछ में आरोपी ने पूर्व IAS अधिकारी के व्यवहार को लेकर कई बातें बताई हैं। उसका आरोप है कि जब वह राकेश अग्रवाल के पैर दबाता था, तब अधिकारी उसके हाथों को लेकर टिप्पणी करते थे।

आरोपी के मुताबिक, राकेश अग्रवाल उससे कहते थे कि उसके हाथ बिल्कुल महिलाओं जैसे हैं। वरुण का दावा है कि इस तरह की टिप्पणियों से उसे अपमानित महसूस होता था और उसके मन में गुस्सा बढ़ता गया।

उसने पुलिस को बताया कि अधिकारी का बात करने का तरीका भी उसे पसंद नहीं था। घर में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की ओर से भी आरोपी के गुस्से का जिक्र किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, पुलिस इन बयानों और दावों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी और पूर्व IAS अधिकारी के बीच पहले से किसी तरह का विवाद या तनाव था या नहीं।

आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी थी गोली

इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपी वरुण कुमार को पकड़ने के लिए कार्रवाई की थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की ओर से किए गए शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में चोट आई थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने आरोपी का बयान दर्ज कर लिया है। फिलहाल उसका इलाज जारी है। पुलिस उसके बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

ठीक होने के बाद होगा क्राइम सीन रीक्रिएशन

पुलिस अब इस हत्याकांड की पूरी कहानी समझने के लिए आरोपी से घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने की तैयारी कर रही है। आरोपी के स्वस्थ होने के बाद उसे घटनास्थल पर ले जाकर वारदात के क्रम को समझने की कोशिश की जाएगी।

इस दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि हत्या की योजना कैसे बनाई गई, वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और उसके बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुआ। क्राइम सीन रीक्रिएशन से आरोपी के बयानों और घटनास्थल से मिले सबूतों का मिलान करने में भी मदद मिल सकती है।

‘जब कोई है ही नहीं तो डर किस बात का?’

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी कुछ बातें बताई हैं। पुलिस के मुताबिक, वरुण ने कहा कि उसकी पत्नी उसे छोड़ चुकी है और उसके पिता ने तीसरी शादी कर ली है।

आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि जब उसका अपना कोई नहीं है, तो उसे जेल जाने का डर किस बात का है। उसके इस बयान के बाद पुलिस उसके पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है।

आखिर क्यों की गई रिटायर्ड IAS की हत्या?

फिलहाल इस पूरे हत्याकांड में व्यक्तिगत नाराजगी और कथित अपमान को हत्या की वजह के रूप में सामने रखा जा रहा है। आरोपी के बयानों के अनुसार, अधिकारी के व्यवहार और कुछ टिप्पणियों से वह लंबे समय से नाराज था। हालांकि, केवल आरोपी के बयान को हत्या का अंतिम और प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या अचानक गुस्से में की गई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। आरोपी के ठीक होने के बाद क्राइम सीन रीक्रिएशन और अन्य साक्ष्यों की जांच से मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।

भोपाल के इस चर्चित हत्याकांड में अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है। आरोपी के कबूलनामे ने कई सवाल खड़े किए हैं, लेकिन हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगी।

 

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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