Friday, November 6, 2026
Homeअन्य राज्यअयोध्या में दीपोत्सव का महा-रिकॉर्ड! 56 घाटों पर जगमगाएंगे 30 से 33...

अयोध्या में दीपोत्सव का महा-रिकॉर्ड! 56 घाटों पर जगमगाएंगे 30 से 33 लाख दीपक, 35 हजार स्वयंसेवक जुटे, 2,100 ड्रोन से दिखेगी रामायण की झलक

Anmol Sandesh News Desk, अयोध्या।

भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार है। सरयू नदी के तट पर होने वाला यह आयोजन इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए राम की पैड़ी समेत सरयू के 56 घाटों को लाखों दीपों से सजाया गया है। आयोजन के दौरान 30 से 33 लाख दीपक जलाने की तैयारी है। इसके लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवक दिन-रात जुटे हुए हैं।

दीपोत्सव के जरिए अयोध्या एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भव्य रूप में प्रस्तुत करने जा रही है। घाटों पर दीपों की कतारें, रामायण पर आधारित ड्रोन शो और आकर्षक सजावट इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए हैं।

56 घाटों पर दीपों की रोशनी से जगमगाएगी रामनगरी

अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों को करीब 30 से 33 लाख दीपों से सजाने की तैयारी की गई है। इन दीपों को व्यवस्थित तरीके से लगाने के लिए लगभग 35 हजार स्वयंसेवक जुटे हैं।

राम की पैड़ी सहित सभी प्रमुख घाटों पर दीप सजाने का काम किया जा रहा है। आयोजन से पहले शुक्रवार को फाइनल रिहर्सल प्रस्तावित है, ताकि दीप प्रज्ज्वलन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। दीपोत्सव के दिन सरयू तट पर एक साथ लाखों दीप जलने से पूरी रामनगरी रोशनी से नहा उठेगी।

इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। दीपोत्सव अयोध्या की धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का भी बड़ा माध्यम बन चुका है।

हर साल टूट रहा दीपोत्सव का रिकॉर्ड

अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान हर साल दीपों की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाता रहा है। पिछले वर्षों में दीप प्रज्ज्वलन का आंकड़ा लगातार बढ़ा है।

वर्ष प्रज्ज्वलित दीपों की संख्या
2021 9.41 लाख
2022 15.76 लाख
2023 22.23 लाख
2024 25.12 लाख
2025 26.17 लाख
2026 30 से 33 लाख का लक्ष्य

इस बार 30 से 33 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि तय लक्ष्य के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित होते हैं, तो अयोध्या अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकती है। हालांकि अंतिम रिकॉर्ड की पुष्टि आयोजन के बाद आधिकारिक गणना से होगी।

2,100 ड्रोन से दिखेगी रामायण की अद्भुत झलक

इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी पर 2,100 ड्रोन के जरिए रामायण पर आधारित विशेष शो की तैयारी की गई है।

ड्रोन शो के माध्यम से आसमान में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के प्रमुख प्रसंगों को आकर्षक दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। रोशनी और तकनीक के इस संगम के जरिए श्रद्धालुओं को एक यादगार अनुभव देने की योजना है।

दीपों से सजे घाटों के बीच आसमान में रामायण के प्रसंगों की प्रस्तुति इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण बन सकती है। इससे अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी शानदार उदाहरण बनेगा।

सुरक्षा के लिए अयोध्या 20 जोन और 53 सेक्टर में विभाजित

दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। सुरक्षा के लिहाज से अयोध्या को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है।

सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ पीएसी, सीआरपीएफ, बम निरोधक दस्ते और फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात रहेंगी। प्रमुख घाटों, प्रवेश मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

प्रशासन का जोर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा और अग्निशमन टीमों को मुस्तैद रखने की तैयारी है।

योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव पर देश-दुनिया की नजर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव हर साल भव्यता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस आयोजन ने अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

इस बार का आयोजन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह योगी सरकार के कार्यकाल का दसवां दीपोत्सव बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव से पहले होने वाले इस दीपोत्सव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में जनता के नाम लिखी पाती में दीपोत्सव की भावना और अयोध्या आने की अपील का जिक्र किया था। सरकार की ओर से आयोजन को भव्य बनाने के साथ अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को प्रदर्शित करने पर जोर दिया जा रहा है।

दीपोत्सव बनेगा आस्था, संस्कृति और तकनीक का संगम

अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति और भारतीय संस्कृति के उत्सव का प्रतीक है। सरयू के घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी, रामायण पर आधारित ड्रोन शो और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार का आयोजन भव्य होने की उम्मीद है।

अब सभी की नजरें दीपोत्सव के दिन पर टिकी हैं, जब रामनगरी एक साथ लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगी और नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करेगी।

 

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular