Friday, November 6, 2026
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धनतेरस पर सोने के गहने खरीदने से पहले जान लें ये 7 स्मार्ट ट्रिक्स! मेकिंग चार्ज में बचा सकते हैं हजारों रुपये, ज्वेलर से जरूर पूछें ये सवाल

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।

धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग सोने की अंगूठी, चेन, हार, कंगन और अन्य आभूषण खरीदते हैं। लेकिन त्योहार की खरीदारी के बीच एक छोटी-सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। दरअसल, सोने के गहनों की कीमत केवल सोने के वजन और बाजार भाव से तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, स्टोन की कीमत और GST जैसे शुल्क भी जुड़ते हैं।

कई बार एक ही वजन और लगभग एक जैसे डिजाइन के गहने अलग-अलग दुकानों पर अलग कीमत में मिलते हैं। इसकी बड़ी वजह ज्वेलर्स की ओर से लगाए जाने वाले मेकिंग चार्ज में अंतर है। अगर ग्राहक खरीदारी से पहले इन शुल्कों को समझ लें और कुछ जरूरी सवाल पूछ लें, तो हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं।

क्या होता है मेकिंग चार्ज? क्यों देना पड़ता है अतिरिक्त पैसा?

मेकिंग चार्ज वह रकम है, जो सोने को आभूषण का रूप देने, उसकी डिजाइनिंग और कारीगरी के लिए ली जाती है। सोने को पिघलाने, ढालने, काटने, जोड़ने और आकर्षक डिजाइन तैयार करने में मेहनत और तकनीक लगती है। इसी काम के बदले ज्वेलर्स ग्राहकों से मेकिंग चार्ज वसूलते हैं।

आमतौर पर मेकिंग चार्ज दो तरीकों से लगाया जाता है।

  1. प्रति ग्राम के हिसाब से: इसमें सोने के हर ग्राम पर एक निश्चित रकम ली जाती है। उदाहरण के लिए, यदि मेकिंग चार्ज 300 रुपये प्रति ग्राम है और गहने का वजन 20 ग्राम है, तो कुल मेकिंग चार्ज 6,000 रुपये होगा।
  2. सोने की कीमत के प्रतिशत के हिसाब से: कुछ ज्वेलर्स सोने की कुल कीमत का एक निश्चित प्रतिशत मेकिंग चार्ज के रूप में लेते हैं। उदाहरण के लिए, यदि सोने की कीमत 1 लाख रुपये है और मेकिंग चार्ज 12 प्रतिशत है, तो ग्राहक को 12,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से साफ पूछें कि मेकिंग चार्ज प्रति ग्राम लिया जा रहा है या सोने की कीमत के प्रतिशत के आधार पर।

डिजाइन जितना जटिल, मेकिंग चार्ज उतना ज्यादा

हर तरह के सोने के गहने पर एक जैसा मेकिंग चार्ज नहीं लगता। यह काफी हद तक डिजाइन और उसे बनाने में लगने वाली मेहनत पर निर्भर करता है।

  • साधारण डिजाइन: मशीन से बनी चेन, हल्की अंगूठी और सामान्य डिजाइन वाले गहनों पर अपेक्षाकृत कम मेकिंग चार्ज हो सकता है।
  • हैंडमेड ज्वेलरी: हाथ से तैयार किए गए गहनों में कारीगरी अधिक होती है, इसलिए इनका मेकिंग चार्ज ज्यादा हो सकता है।
  • टेंपल ज्वेलरी: बारीक नक्काशी और पारंपरिक डिजाइन के कारण इन पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
  • भारी हार और कंगन: जटिल डिजाइन, बारीक काम और फिनिशिंग के कारण इनकी मेकिंग लागत बढ़ सकती है।

अगर आपका बजट सीमित है, तो साधारण डिजाइन और मशीन से तैयार ज्वेलरी की कीमत भी जरूर पूछें।

सिर्फ कम मेकिंग चार्ज देखकर न करें खरीदारी

धनतेरस पर कई दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम मेकिंग चार्ज का ऑफर देते हैं। लेकिन केवल इसी आधार पर दुकान का चुनाव करना समझदारी नहीं है।

मान लीजिए एक दुकान पर मेकिंग चार्ज 8 प्रतिशत है और दूसरी दुकान पर 12 प्रतिशत। पहली दुकान सस्ती लग सकती है, लेकिन अगर वहां सोने का प्रति ग्राम भाव ज्यादा है या अन्य शुल्क जोड़े जा रहे हैं, तो अंतिम बिल दूसरी दुकान से महंगा भी हो सकता है।

इसलिए कम से कम दो से तीन ज्वेलर्स से एक जैसे वजन और शुद्धता वाले गहनों का पूरा बिल बनवाकर तुलना करें। सोने का भाव, मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, स्टोन की कीमत और टैक्स सभी को जोड़कर ही सही कीमत का अंदाजा लगाएं।

जीरो मेकिंग चार्ज के ऑफर में भी रहें सावधान

धनतेरस और दिवाली के दौरान कई ज्वेलर्स जीरो मेकिंग चार्ज या मेकिंग चार्ज पर भारी छूट का विज्ञापन करते हैं। ऐसे ऑफर आकर्षक जरूर होते हैं, लेकिन खरीदारी से पहले उनकी शर्तें समझना जरूरी है।

ज्वेलर से ये सवाल जरूर पूछें:

  • क्या जीरो मेकिंग चार्ज सभी गहनों पर लागू है या केवल चुनिंदा डिजाइन पर?
  • क्या वेस्टेज के नाम पर कोई अतिरिक्त रकम ली जा रही है?
  • क्या ऑफर के दौरान सोने का भाव सामान्य बाजार भाव के बराबर है?
  • क्या स्टोन या अन्य सजावटी सामग्री का अलग से पैसा लिया जाएगा?
  • पुराने सोने के एक्सचेंज पर क्या शर्तें लागू होंगी?

कई बार एक शुल्क में छूट देकर दूसरे शुल्क के माध्यम से कुल कीमत बढ़ाई जा सकती है। इसलिए ऑफर की बजाय अंतिम बिल पर ध्यान दें।

बिल में इन 6 चीजों की जरूर करें जांच

सोने के गहने खरीदते समय बिल को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। बिल में निम्नलिखित जानकारियां स्पष्ट होनी चाहिए:

  1. सोने का वजन: गहने में इस्तेमाल हुए सोने का वास्तविक वजन कितना है।
  2. शुद्धता और कैरेट: गहना 18K, 22K या किसी अन्य कैरेट का है।
  3. सोने का प्रति ग्राम भाव: खरीदारी के समय किस दर से सोने की कीमत लगाई गई है।
  4. मेकिंग चार्ज: प्रति ग्राम या प्रतिशत के हिसाब से कितना शुल्क लिया गया है।
  5. वेस्टेज और स्टोन चार्ज: कोई अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है तो उसका विवरण।
  6. GST: बिल में लागू टैक्स कितना जोड़ा गया है।

सोने के आभूषणों की बिक्री पर आमतौर पर कुल लेनदेन मूल्य पर 3 प्रतिशत GST लागू होता है। बिल में टैक्स का विवरण जरूर जांचें।

हॉलमार्क और HUID जांचना न भूलें

कम कीमत के चक्कर में सोने की शुद्धता से समझौता बिल्कुल न करें। गहने खरीदते समय BIS हॉलमार्क और छह अंकों वाले HUID नंबर की जांच करें। ग्राहक BIS Care ऐप के जरिए HUID नंबर की पुष्टि भी कर सकते हैं।

हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। साथ ही दुकानदार से पक्का बिल लें, जिसमें गहने का वजन, कैरेट और अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज हों।

निवेश के लिए गहने या सोने के सिक्के, क्या है बेहतर?

अगर आप सोना पहनने के लिए खरीद रहे हैं, तो अपनी पसंद के अनुसार गहने ले सकते हैं। लेकिन अगर उद्देश्य केवल निवेश करना है, तो सोने के सिक्के या बार जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

आभूषणों में डिजाइन और कारीगरी के कारण मेकिंग चार्ज लगता है, जबकि सिक्कों और बार की लागत संरचना अलग हो सकती है। हालांकि, इन पर भी प्रीमियम और अन्य शुल्क लग सकते हैं। इसलिए खरीदने से पहले कुल कीमत, शुद्धता और बेचने या वापस खरीदने की शर्तें जरूर समझें।

उदाहरण से समझें, कैसे बच सकते हैं हजारों रुपये?

मान लीजिए किसी गहने में इस्तेमाल सोने की कीमत 1 लाख रुपये है।

मेकिंग चार्ज अतिरिक्त रकम
8 प्रतिशत ₹8,000
10 प्रतिशत ₹10,000
12 प्रतिशत ₹12,000
15 प्रतिशत ₹15,000

इस उदाहरण में 8 प्रतिशत और 15 प्रतिशत मेकिंग चार्ज के बीच 7,000 रुपये का अंतर है। यानी केवल मेकिंग चार्ज की तुलना करके भी अच्छी बचत की जा सकती है। यह उदाहरण समझाने के लिए है; वास्तविक कीमत गहने के वजन, डिजाइन और ज्वेलर की शर्तों पर निर्भर करेगी।

धनतेरस पर खरीदारी से पहले याद रखें ये बातें

धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ अवसर माना जाता है, लेकिन उत्साह में जल्दबाजी करना नुकसानदायक हो सकता है। खरीदारी से पहले बाजार भाव जानें, अलग-अलग दुकानों के बिल की तुलना करें, हॉलमार्क की जांच करें और मेकिंग चार्ज पर बातचीत जरूर करें।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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