लखनऊ (अनमोल संदेश डिजिटल).:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 का टिन शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में एक टीटीई समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को रोका गया:
हादसे के दौरान हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस (13037) प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंच चुकी थी। स्थिति को देखते हुए ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।रेलवे अधिकारियों ने मौके पर क्रेन मंगवाई है, जिसकी मदद से गिरे हुए टिन शेड के हिस्सों को हटाने का काम किया जा रहा है।
टीटीई का पैर फ्रैक्चर:
घटना में घायल टीटीई भूपेंद्र का पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया है। वहीं यात्री साहिल का पैर भी टिन शेड के नीचे दब गया। दोनों समेत तीसरे घायल यात्री को आलमबाग स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
प्लेटफॉर्म पर चल रहा था निर्माण कार्य:
जानकारी के मुताबिक प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर टिन शेड का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा था। इससे पहले रेलवे प्रशासन ने प्लेटफॉर्म नंबर-4 को ब्लॉक किया था और यात्री आवाजाही प्लेटफॉर्म नंबर-5 से कराई जा रही थी।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप:
हादसे के बाद यात्रियों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि कमजोर सपोर्ट और लापरवाही के कारण टिन शेड अचानक गिर गया।
जांच में जुटा रेलवे प्रशासन:
रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल RPF और रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टिन शेड गिरने की असली वजह क्या थी।रेलवे प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
