Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
विश्व सिकल सेल दिवस (19 जून) से पहले मध्यप्रदेश में सिकल सेल उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित विभागों को सिकल सेल उन्मूलन गतिविधियों को सघन और परिणाममुखी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।
लोक भवन में आयोजित बैठक में राज्यपाल ने कहा कि सिकल सेल रोग के खिलाफ चल रहे अभियान को तब तक नहीं रोका जाना चाहिए, जब तक प्रदेश को पूरी तरह सिकल सेल मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता। उन्होंने स्क्रीनिंग, उपचार, कार्ड वितरण और दवा वितरण के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी व्यापक स्तर पर संचालित करने पर जोर दिया।बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित रहे।
जनजातीय क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
राज्यपाल ने कहा कि सिकल सेल रोग का सबसे अधिक प्रभाव जनजातीय क्षेत्रों में देखा जाता है, इसलिए इन इलाकों में विशेष निगरानी और नियमित उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि उन्मूलन और उपचार की गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए ताकि प्रभावित लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
आंगनवाड़ी केंद्रों में चलेगा जागरूकता अभियान
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मंगलवार को आंगनवाड़ी केंद्रों में माताओं और बच्चों को सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार संबंधी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
जिलेवार समीक्षा, फीडबैक सिस्टम पर जोर
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिकल सेल स्क्रीनिंग, रोगियों की पहचान, दवा वितरण और कार्ड वितरण की जिलेवार जानकारी प्रस्तुत की गई। वहीं आयुष विभाग ने उपचार, परामर्श और रोगियों से सतत संवाद के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।राज्यपाल ने आयुष विभाग को निर्देश दिए कि उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों से नियमित फीडबैक लिया जाए, ताकि योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके और जरूरत के अनुसार सुधार किए जा सकें।

सिकल सेल उन्मूलन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी
राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य, आयुष और संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अभियान से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, मैदानी अमले और स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव अशोक कुमार बर्णवाल ने विश्व सिकल सेल दिवस पर खंडवा जिले में प्रस्तावित विशेष कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी भी राज्यपाल को दी।बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मीनाक्षी सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लक्ष्य स्पष्ट: सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश
राज्य सरकार और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से सिकल सेल उन्मूलन अभियान को नई गति मिल रही है। विश्व सिकल सेल दिवस से पहले राज्यपाल की सक्रियता यह संकेत देती है कि मध्यप्रदेश इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
