Anmol Sandesh News Desk,कोलकाता
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान को सोमवार को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जहांगीर कथित तौर पर देश छोड़कर नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोलकाता लाया जा रहा है।जहांगीर खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में कुल सात एफआईआर दर्ज हैं। उन पर अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
चुनाव हारने के बाद से थे गायब
जहांगीर खान ने 2026 का विधानसभा चुनाव फालता सीट से लड़ा था। चुनाव के दौरान विवाद और अनियमितताओं के आरोपों के कारण 21 मई को इस सीट पर दोबारा मतदान कराया गया था। पुनर्मतदान से 48 घंटे पहले जहांगीर ने चुनाव मैदान से हटने की घोषणा कर दी थी।24 मई को आए चुनाव परिणामों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए और न ही पार्टी कार्यालय में उनकी मौजूदगी दर्ज हुई।
हाईकोर्ट से मांगी थी सुरक्षा
मई 2026 में जहांगीर खान ने Calcutta High Court में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ लगातार कई आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।हालांकि अदालत ने पहले कुछ मामलों में उन्हें राहत दी थी, लेकिन 26 मई को उपलब्ध सभी कानूनी सुरक्षा वापस ले ली गई थी।

‘पुष्पा’ स्टाइल प्रचार से चर्चा में आए थे
चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान ने खुद को फिल्म Pushpa: The Rise के किरदार की तर्ज पर पेश किया था। उन्होंने कई जनसभाओं में चर्चित संवाद “पुष्पा झुकेगा नहीं” का इस्तेमाल किया और खुद को इलाके के मजबूत नेता के रूप में प्रचारित किया था।
फालता सीट पर रिकॉर्ड जीत
फालता विधानसभा सीट पर इस बार सबसे बड़े जीत अंतर का रिकॉर्ड बना। टीएमसी उम्मीदवार देबांग्शु भट्टाचार्य ने 1,09,021 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं जहांगीर खान मात्र 7,783 वोट हासिल कर चौथे स्थान पर रहे।
चुनाव में गड़बड़ी के आरोप भी लगे
29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। कई बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे। शिकायतों में दावा किया गया कि कुछ मशीनों पर राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों के साथ छेड़छाड़ की गई थी।जांच के दौरान कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की फुटेज में भी कथित गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। इन आरोपों के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की थी।फिलहाल जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
