Wednesday, June 10, 2026
Homeदेश-विदेशभारतीयों के लिए बड़ी राहत:H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर फीस का...

भारतीयों के लिए बड़ी राहत:H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर फीस का फैसला कोर्ट ने किया रद्द, ट्रंप प्रशासन को झटका

Anmol Sandesh News Desk, बोस्टन

अमेरिका में काम करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने H-1B वीजा पर प्रस्तावित 1 लाख डॉलर (करीब 96 लाख रुपये) की अतिरिक्त फीस लगाने संबंधी फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।फेडरल जज Richard Stearns ने सोमवार को सुनाए गए फैसले में कहा कि राष्ट्रपति आदेश के जरिए लागू की गई यह नीति अमेरिकी संविधान में निर्धारित शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है। इसलिए इसे कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने क्यों रद्द किया फैसला?

अदालत ने कहा कि सितंबर 2025 में जारी राष्ट्रपति आदेश के आधार पर विदेश विभाग और गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जल्दबाजी में लागू की गई यह व्यवस्था संवैधानिक सीमाओं से परे थी। जज ने माना कि ऐसी आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों के लिए कांग्रेस की स्पष्ट मंजूरी आवश्यक होती है।मामले में U.S. Chamber of Commerce समेत कई व्यापारिक संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका तर्क था कि राष्ट्रपति को एकतरफा तरीके से इतनी बड़ी फीस लागू करने का अधिकार नहीं है।

भारतीय पेशेवरों को होगा फायदा

H-1B वीजा कार्यक्रम का सबसे अधिक लाभ भारतीय आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और तकनीकी क्षेत्र के पेशेवरों को मिलता है। हर साल बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक इसी वीजा के माध्यम से अमेरिका में रोजगार प्राप्त करते हैं।यदि 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस लागू रहती, तो कई कंपनियों और आवेदकों के लिए H-1B वीजा प्राप्त करना बेहद महंगा हो जाता। कोर्ट के फैसले से अब इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ से राहत मिलेगी।

क्या है H-1B वीजा?

H-1B अमेरिका का एक विशेष कार्य वीजा है, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी विशेषज्ञों को तकनीकी और पेशेवर पदों पर अस्थायी रूप से नियुक्त कर सकती हैं। इसके लिए आमतौर पर संबंधित क्षेत्र में कम से कम बैचलर डिग्री या समकक्ष योग्यता आवश्यक होती है।इस वीजा का उद्देश्य उन क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराना है, जहां स्थानीय स्तर पर पर्याप्त विशेषज्ञ नहीं मिल पाते। भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हैं।

ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका

विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह फैसला ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है। साथ ही यह संकेत भी देता है कि राष्ट्रपति आदेशों के जरिए बड़े आर्थिक और प्रशासनिक बदलाव लागू करने पर न्यायपालिका कड़ी निगरानी रख रही है।फिलहाल, कोर्ट के आदेश के बाद H-1B वीजा पर प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस लागू नहीं होगी, जिससे भारतीयों समेत दुनिया भर के कुशल पेशेवरों को राहत मिली है।

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular