Wednesday, June 10, 2026
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PoK में भड़की हिंसा,पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प में 27 लोगों की मौत, 70 से अधिक घायल, विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग

Anmol Sandesh News Desk

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में राजनीतिक तनाव हिंसक रूप ले चुका है। प्रतिबंधित संगठन Joint Awami Action Committee (JAAC) के समर्थकों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में 27 लोगों की मौत होने का दावा किया जा रहा है, जबकि 70 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। मृतकों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

बंद के आह्वान के बीच भड़की हिंसा

मंगलवार, 9 जून को JAAC की ओर से बंद का आह्वान किया गया था। इससे पहले रावलकोट में संगठन के एक कार्यकर्ता की मौत को लेकर समर्थक अस्पताल की मोर्चुरी के बाहर एकत्रित हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति जल्द ही तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में गोलीबारी

पुलिस का आरोप है कि उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की, जिसमें चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हो गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की सूचना है।स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है और हालात पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

विवाद की जड़ PoK विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC का आरोप है कि इन सीटों के कारण स्थानीय आबादी का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है।संगठन लंबे समय से इन सीटों को समाप्त करने और स्थानीय लोगों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी थे।

JAAC पर प्रतिबंध के बाद बढ़ा तनाव

PoK सरकार ने हाल ही में JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। प्रशासन का कहना है कि संगठन की गतिविधियां सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थीं।प्रतिबंध के बाद पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप में बदल गए।

हालात पर नजर

घटना के बाद पूरे PoK में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि विपक्षी समूह सरकार पर दमनात्मक कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भड़की यह हिंसा PoK की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। फिलहाल मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जबकि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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