Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भोपाल ने मंगलवार को भोपाल, इंदौर समेत 50 से अधिक जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में करीब 100 मिमी (4 इंच) तक बारिश होने की संभावना है।

2 जुलाई से बनेगा नया मौसम सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम से मानसून को भी आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

सोमवार को कई जिलों में बरसे बादल
सोमवार को इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक, शिवपुरी में करीब पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।हालांकि खजुराहो (41.2°C), नौगांव (40.5°C) और ग्वालियर (40.3°C) में गर्मी का असर बरकरार रहा।
15 जिलों तक पहुंचा मानसून, आगे बढ़ने का इंतजार
प्रदेश में मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया था और अब तक 15 जिलों—अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी—को कवर कर चुका है। इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिससे प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में गर्मी बनी हुई है।

सामान्य से 39% कम बारिश
1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 75.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश में अब तक 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कहां ज्यादा और कहां कम बारिश?
भोपाल, इंदौर, सीहोर, बुरहानपुर, शाजापुर, आगर-मालवा, अशोकनगर, मंदसौर और नीमच जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। वहीं जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, पन्ना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, ग्वालियर, उज्जैन, धार, खंडवा, खरगोन सहित कई जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, बिजली चमकने पर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
