Anmol Sandesh News Desk,वॉशिंगटन डीसी
भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है। भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि मौजूदा समय में भारत-अमेरिका संबंध पिछले 30 सालों में सबसे कमजोर दौर से गुजर रहे हैं।यह बयान वॉशिंगटन में आयोजित US-India Strategic Partnership Forum (USISPF) Leadership Summit 2026 में दिया गया।

टैरिफ और नीतियों पर उठाए सवाल
रो खन्ना ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति और एकतरफा फैसलों ने दोनों देशों के बीच भरोसे को नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार, ईरान युद्ध और वैश्विक नीतिगत फैसलों का असर भारत में ऊर्जा कीमतों तक पर पड़ा।उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन समस्याओं को स्वीकार नहीं किया गया तो यह सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा।
“भरोसे की एक पीढ़ी खत्म हुई”
खन्ना ने दावा किया कि एक भारतीय राजदूत से बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि अमेरिकी नीतियों की वजह से “भरोसे की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई है।”उन्होंने ट्रम्प को “लेम डक राष्ट्रपति” बताते हुए यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिका की राजनीति में वापसी कर सकती है।

अमेरिकी राजदूत का सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत मिलकर वैश्विक स्तर पर काम करना चाहते हैं और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में है।
मोदी-ट्रम्प संबंधों का जिक्र
सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की व्यक्तिगत दोस्ती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच विश्वास और व्यक्तिगत संबंध भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत आधार देते हैं।गोर ने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि ट्रम्प ने एक बार सुबह जल्दी ही पीएम मोदी को कॉल करने की इच्छा जताई थी, जो दोनों नेताओं के करीबी संबंधों को दर्शाता है।
कुल मिलाकर तस्वीर
जहां एक तरफ अमेरिकी सांसद ने रिश्तों में गिरावट की बात कही, वहीं अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत और भविष्य उन्मुख बताया। इस तरह दोनों देशों के रिश्तों पर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं, लेकिन रणनीतिक साझेदारी अब भी मजबूत मानी जा रही है।
