Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
साल 2026 की पहली छमाही निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरी रही। बीते छह महीनों में 29 जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, घरेलू शेयर बाजार भी दबाव में रहा। इस दौरान सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट गया।विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर सख्त रुख और अमेरिका-ईरान तनाव जैसे वैश्विक कारणों का असर कमोडिटी और शेयर बाजार दोनों पर देखने को मिला।

क्यों गिरे सोना और शेयर बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक सोने और शेयर बाजार में गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण रहे—
- फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में जल्द कटौती के संकेत नहीं मिलने से डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सोने की मांग पर दबाव बढ़ा।
- अमेरिका-ईरान तनाव: पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा, जिसका असर शेयर बाजार पर दिखाई दिया।
अगले 6 महीनों में क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि शॉर्ट टर्म में ETF से निकासी और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सोने में 2% से 5% तक और गिरावट आ सकती है। हालांकि, साल के अंत तक सोने में 12% से 15% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।वहीं, इक्विनॉमिक्स रिसर्च प्रा. लि. के संस्थापक जी. चोकालिंगम के अनुसार, अगले छह महीनों में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर बड़े शेयरों (लार्जकैप) की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।SBI सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक सुदीप शाह का कहना है कि फिलहाल निफ्टी कंसोलिडेशन फेज में है और 23,730–23,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

विदेशी निवेशकों की वापसी में लग सकता है समय
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को भारतीय बाजार में पूरी तरह लौटने में 1 से 2 तिमाही का समय लग सकता है। वे रुपये की विनिमय दर और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में स्थिरता का इंतजार करेंगे।हालांकि, मौजूदा गिरावट के बाद कई स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियां आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं।
सोना खरीदते समय रखें ये सावधानियां
- हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें।
- खरीदने से पहले अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का सोने का भाव और वजन जरूर जांच लें।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
- आइस टेस्ट: असली चांदी पर बर्फ तेजी से पिघलती है।
- स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती।
- क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना असली चांदी की पहचान हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट के दौरान सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में बेहतर रिटर्न दे सकता है।

