Anmol Sandesh News Desk,अयोध्या/नई दिल्ली
अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर जांच तेज हो गई है। पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और कथित तौर पर बड़ी मात्रा में धनराशि भी बरामद की गई है। इस बीच पूर्व सांसद और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार के बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।विनय कटियार ने दावा किया कि उन्होंने गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर बातचीत की। उनके अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री को जांच की स्थिति से अवगत कराया और कहा कि आगे की कार्रवाई में कुछ बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।कटियार ने दावा किया कि आने वाले समय में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है और परिस्थितियां ऐसी बनीं तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

‘पैसों के हेरफेर’ का किया दावा
कटियार ने कहा कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट होता दिखाई दे रहा है कि चंदे की राशि में कथित हेरफेर हुआ है। हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया अभी बाकी है।
बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी
इधर, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने कथित चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा से जुड़े निर्माण पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।प्राधिकरण ने लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है।

6 जुलाई को होगी राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में आयोजित होगी। पहले यह बैठक 11 जुलाई को प्रस्तावित थी। सूत्रों के अनुसार, इस बार बैठक कारसेवकपुरम में होने की संभावना है।बताया जा रहा है कि बैठक में कथित चंदा चोरी मामले, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चंपत राय व अनिल मिश्रा के भविष्य को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
SIT जांच पर टिकी नजर
सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच में कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही से जुड़े पहलुओं की ओर संकेत किया है। अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने या न होने का फैसला किया जा सकता है।
अभी जांच जारी
फिलहाल पुलिस और SIT दोनों स्तर पर जांच जारी है। मामले में कई दावे और आरोप सामने आए हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
