Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली/सूरत/जयपुर/लखनऊ/गुरुग्राम
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं बाढ़ तो कहीं भूस्खलन औ र जलभराव से लोग परेशान हैं। जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा तक बारिश ने तबाही मचा दी है।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के साथ आया पत्थरों का सैलाब
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए। बाढ़ के तेज बहाव के साथ पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नीचे आ गया, जिससे कई गाड़ियां, दुकानें और घर इसकी चपेट में आ गए।तस्वीरों में तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा है, जहां मलबे के नीचे कई वाहन दबे नजर आए।
नासिक में त्र्यंबकेश्वर परिक्रमा मार्ग बहा
महाराष्ट्र में भी भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नासिक के त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में दो गांवों को जोड़ने वाला पुल बारिश के तेज बहाव में बह गया।यह मार्ग मंदिर की परिक्रमा के लिए भी इस्तेमाल होता था। सुरक्षा को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है।वहीं पुणे के खड़कवासला डैम से मुथा नदी में पानी छोड़ा गया, जिसके बाद नदी किनारे बसे इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
सूरत में टूटा 85 साल का बारिश रिकॉर्ड
गुजरात के सूरत में बारिश ने नया रिकॉर्ड बना दिया। 36 घंटे में करीब 19 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे जुलाई 1941 में बना 18 इंच बारिश का रिकॉर्ड टूट गया।शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कें नदियों में बदल गईं, वाहन पानी में फंस गए और कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए।बारिश से जुड़े हादसों में करंट लगने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने से कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
गुरुग्राम से जबलपुर तक बारिश का असर
- गुरुग्राम: भारी बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न, यातायात प्रभावित
- दिल्ली-जयपुर हाईवे: सड़क धंसने से परेशानी बढ़ी
- जबलपुर: पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना सामने आई
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना जरूरत घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।बारिश के इस दौर ने एक बार फिर देशभर में मानसून की चुनौतियों और तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
