Anmol Sandesh News Desk,उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन संभाग के लिए एक बड़ी विकास परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नागदा स्थित श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का शिलान्यास करेंगे। करीब ₹5017 करोड़ की लागत से बनने वाली इस परियोजना को क्षेत्र के परिवहन, उद्योग और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे नागदा हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पहुंचकर हाईवे परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे और हितग्राहियों को हेलमेट वितरित करेंगे।

98.73 किलोमीटर लंबा होगा नया हाईवे
उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे की कुल लंबाई करीब 98.73 किलोमीटर होगी। यह मार्ग उज्जैन जिले के मंगरोला गांव से शुरू होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 8 लेन इंटरचेंज से जुड़ेगा और जावरा में होटल जोयो के पास समाप्त होगा।इस चार लेन हाईवे का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा।हाईवे के दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स बनाए जाएंगे, जिससे वाहन चालकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम को मिलेगा फायदा
इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों को आवागमन में आसानी होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उज्जैन सीधे दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे क्षेत्र में उद्योगों और निवेश के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
सिंहस्थ-2028 के लिए बनेगा बड़ा सहारा
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है। सरकार के अनुसार, लाखों श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों के बेहतर प्रबंधन में यह हाईवे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।आधुनिक सड़क सुरक्षा सुविधाओं और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के साथ तैयार होने वाला यह मार्ग यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।
कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी मिलेगा बढ़ावा
नई सड़क परियोजना से क्षेत्र का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। कृषि उत्पादों की तेज और आसान आवाजाही के साथ माल ढुलाई में लगने वाला समय भी कम होने की उम्मीद है।सरकार का कहना है कि इस हाईवे से उज्जैन संभाग में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और उद्योग, व्यापार तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। 5017 करोड़ की यह परियोजना आने वाले वर्षों में उज्जैन-जावरा क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास की तस्वीर बदलने वाली मानी जा रही है।
