Anmol Sandesh News Desk,आंध्र प्रदेश
आंध्रप्रदेश के कडप्पा जिले में कोविड-19 संक्रमण से 46 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मरीज को लगातार तेज खांसी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआती जांच में डॉक्टरों को निमोनिया का संदेह हुआ और उसी के अनुसार इलाज शुरू किया गया, लेकिन चार दिनों तक उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

मौत के बाद हुई जांच में कोविड की पुष्टि
अधिकारियों के मुताबिक, मरीज की मौत के बाद विस्तृत जांच और सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि संक्रमण के कारण मरीज के दोनों फेफड़े गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके थे। निमोनिया के कारण उसकी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी, जिसके चलते इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
2022 के बाद पहली कोविड मौत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से आखिरी दर्ज मौत वर्ष 2022 में हुई थी। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद सामने आए इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
मामले की पुष्टि होने के बाद जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है और प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन कराया गया है। साथ ही प्राथमिक संपर्कों की निगरानी भी की जा रही है ताकि संक्रमण के संभावित प्रसार को रोका जा सके।अधिकारियों ने बताया कि मरीज पहले से कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहा था, जिससे उसकी स्थिति और जटिल हो सकती है।
चार संक्रमित मिले, तीन होम आइसोलेशन में
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच के दौरान चार लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से तीन संक्रमित घर पर आइसोलेशन में हैं, जबकि एक व्यक्ति में हल्के लक्षण होने के कारण उसे कडप्पा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत या कोविड जैसे अन्य लक्षण महसूस हों तो तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं भी तैयार रखी हैं।
