Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर बिना नाम लिए तंज कसा। प्रधानमंत्री ने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1′ की सफल लॉन्चिंग का जिक्र करते हुए युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की और इसी दौरान ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी।
स्काईरूट की सफलता का जिक्र करते हुए कसा तंज
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के युवा आज इतिहास रच रहे हैं और देश के स्टार्टअप अंतरिक्ष तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्काईरूट एयरोस्पेस की जिस टीम ने यह उपलब्धि हासिल की है, उसकी औसत उम्र 28 साल है।इसके बाद प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा—“हालांकि मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा।”पीएम के इतना कहते ही उनके पीछे खड़े संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू मुस्कुराते नजर आए। प्रधानमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज माना जा रहा है, क्योंकि उनकी उम्र 56 वर्ष है।
56 इंच बनाम 56 साल की सियासी जंग
प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी के बीच “56 इंच” और “56 साल” को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लंबे समय से जारी है।2014 के चुनाव अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी “56 इंच की छाती” का जिक्र किया था। इसके बाद राहुल गांधी कई मौकों पर इसी बयान को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे।

राहुल गांधी के चर्चित बयान
2 फरवरी 2026 – संसद परिसर
राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर कहा था—“जब चीन हमारे सामने आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?”
7 सितंबर 2024 – डैलस (अमेरिका)
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा—“56 इंच का सीना भाषणों से नहीं, युवाओं को रोजगार देने और देश को जोड़ने से बनता है।”
लोकसभा चुनाव 2024
चुनावी सभाओं में राहुल गांधी ने कई बार कहा—“56 इंच का सीना महंगाई और बेरोजगारी नहीं रोक पाया।”
भारत जोड़ो न्याय यात्रा 2024
यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा—“देश को 56 इंच का सीना नहीं, न्याय और रोजगार चाहिए।”

बयान से गरमाई सियासत
प्रधानमंत्री मोदी के इस तंज के बाद संसद सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सत्ता पक्ष इसे युवाओं की उपलब्धियों का संदेश बता रहा है, जबकि विपक्ष की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।संसद के भीतर और बाहर अब इस टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
