Anmol Sandesh News Desk,पटना
NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद बिहार के बेगूसराय और कटिहार में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के बीच प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं।

बेगूसराय में क्या हुआ?
23 जुलाई को AISF और AISA के नेतृत्व में छात्रों ने जीडी कॉलेज से डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के बाद प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया और आंदोलन समाप्त होने की घोषणा कर दी गई थी।लेकिन कुछ ही देर बाद माहौल अचानक बिगड़ गया। पुलिस के मुताबिक, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
संदिग्धों की तस्वीरें जारी
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच शुरू की। जांच के आधार पर 30 संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं और लोगों से उनकी पहचान बताने की अपील की गई है। इस मामले में अब तक मोहम्मद सनाउल्लाह, मोहम्मद शाहनवाज, अभिषेक कुमार और प्रशांत कुमार समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कटिहार में 14 गिरफ्तार
कटिहार में भी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छात्रों का पक्ष
AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा का दावा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो चुका था। उनके अनुसार, बाद में कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में शामिल हुए और पत्थरबाजी कर पूरे आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश की।NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध के बीच बिहार की यह घटना अब राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है।
