Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में देर रात करीब 12:30 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

सरकार ने किन 3 मांगों पर दिखाई सहमति?
1. छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की पहल
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और संसद मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कार्रवाई न करने तथा दर्ज मामलों को वापस लेने की दिशा में सहमति बनी।
2.आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा
पेपर लीक से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया। हालांकि, वांगचुक की शुरुआती ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग पर स्पष्ट घोषणा नहीं हुई।
3.संसद में होगी जवाबदेही पर चर्चा
सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने पर सहमति जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर नहीं बनी बात
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि लगातार 26 दिन के अनशन के बाद उनके सामने दो ही रास्ते थे—या तो अनशन जारी रखकर स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डालें या आगे की लड़ाई के लिए खुद को सुरक्षित रखें।
अनशन खत्म करने के बाद क्या बोले?
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा,“26 दिन बाद पहली बार कुछ खाया है। इसका स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।”हालांकि अनशन खत्म हो गया है, लेकिन NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आंदोलन और राजनीतिक बहस अभी भी जारी है।


