Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद एक बार फिर चर्चा में है। जुमे की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान तय करने को लेकर गुरुवार देर रात जिला प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच करीब दो घंटे तक चली बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। अब इस संवेदनशील मामले पर आज (24 जुलाई) सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

देर रात हुई बैठक, लेकिन नहीं बनी सहमति
धार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कलेक्टर, एसपी और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। प्रशासन ने नमाज के लिए भोजशाला से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक वैकल्पिक स्थान का प्रस्ताव रखा, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा?
मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने कहा कि समाज अपनी मस्जिद में ही नमाज अदा करना चाहता है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन चाहता है। उनका कहना है कि यदि वैकल्पिक व्यवस्था करनी ही है, तो वह मस्जिद के “यथासंभव निकट” होनी चाहिए, जैसा कि अदालत की भावना है। उनका आरोप है कि 2 किलोमीटर दूर स्थान देना अदालत के निर्देशों के अनुरूप नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका
बैठक में सहमति न बनने के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में नई एप्लीकेशन दाखिल की है। इस पर आज सुनवाई होगी। याचिकाकर्ताओं को उम्मीद है कि अदालत इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि भोजशाला के पास खुले स्थान पर नमाज के लिए उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसी आदेश के पालन के लिए प्रशासन ने प्रस्ताव रखा था, लेकिन विवाद बरकरार रहने के कारण अब अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
पूरे प्रदेश की नजर सुप्रीम कोर्ट पर
भोजशाला विवाद लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा रहा है। ऐसे में आज की सुनवाई प्रशासन, दोनों पक्षों और प्रदेश की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
