Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग खरीदी नीति और कृषि व्यवस्था को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे। सरकार के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने साफ ऐलान किया है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है, जबकि किसान आंदोलन स्थल पर ही डेरा डालकर रातभर रुके और वहीं भोजन बनाकर आंदोलन जारी रखा।

15 बैरिकेड भी नहीं रोक पाए किसानों का मार्च
नर्मदापुरम से भोपाल आने वाले किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने करीब 15 जगह बैरिकेडिंग की थी और भारी पुलिस बल तैनात किया था। इसके बावजूद हजारों किसान एक-एक कर बैरिकेड पार करते हुए राजधानी पहुंच गए।इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की, खींचतान और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। करीब 15 किसान संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी किसान क्रांति रैली में शामिल हुए।
सरकार से बातचीत भी रही बेनतीजा
आंदोलन के बीच कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने मंत्रालय में किसान प्रतिनिधियों से बैठक की। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।लेकिन बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि समाधान के बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।
और बढ़ेगा आंदोलन
किसानों का दावा है कि अभी सिर्फ शुरुआत है। बुधवार को राजगढ़, शाजापुर, गुना, आगर मालवा और अशोकनगर समेत करीब 10 जिलों से बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचेंगे।नर्मदापुरम से आए करीब 3 हजार किसान अपने साथ सात दिन का राशन लेकर आए हैं, जिससे साफ है कि आंदोलन लंबा चल सकता है।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था हुई प्रभावित
किसानों के प्रदर्शन के कारण वीर सावरकर सेतु और नर्मदापुरम रोड पर करीब 5 घंटे तक जाम लगा रहा।
- रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से एम्स रोड तक वाहनों की लंबी कतारें लगीं।
- ट्रैफिक सामान्य रखने के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया।
किसानों की चार प्रमुख मांगें
किसान सरकार से इन मांगों को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे हैं—
* मूंग की 100% सरकारी खरीदी
* खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए
* कम बारिश वाले क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
* भावांतर योजना समाप्त की जाए
हालांकि, ई-टोकन व्यवस्था को लेकर अदालत सरकार के पक्ष में फैसला दे चुकी है, लेकिन किसान इसे वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।
फिलहाल स्थिति क्या है?
- भोपाल में किसानों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी।
- सरकार और किसान नेताओं की बैठक बेनतीजा।
- मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई।
- कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित।
- आने वाले दिनों में और जिलों से किसानों के जुड़ने की संभावना।
