Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
सितंबर 2026 में भारत की मेजबानी में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह दौरा होता है, तो यह करीब 6 साल बाद उनका पहला भारत दौरा होगा और 2020 के गलवान संघर्ष के बाद उनकी पहली भारत यात्रा भी मानी जाएगी।

12-13 सितंबर को होगा BRICS Summit
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही अपनी भागीदारी की पुष्टि कर चुके हैं। अब सबकी नजर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।
गलवान के बाद रिश्तों में आई थी कड़वाहट
जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव आ गया था। इसके बाद भारत ने कई चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए, निवेश नियमों को सख्त किया और सीमा पर सैन्य तैनाती भी बढ़ाई। तब से दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने के लिए कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ताएं हुई हैं।
चीन ने दिया सहयोग का संदेश
बीजिंग में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने BRICS सम्मेलन को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि चीन सम्मेलन की सफलता के लिए भारत के साथ सहयोग करेगा। हालांकि उन्होंने शी जिनपिंग की यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
क्या सुधरेंगे भारत-चीन रिश्ते?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो यह केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं होगी, बल्कि दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने और रिश्तों को नई दिशा देने का अवसर भी हो सकता है। हालांकि सीमा विवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब भी दोनों देशों के बीच बड़ी चुनौती बने हुए हैं।फिलहाल शी जिनपिंग की भारत यात्रा की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम पुष्टि चीन और भारत की ओर से औपचारिक ऐलान के बाद ही होगी।
