Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला को लेकर शुक्रवार (31 जुलाई) को सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। उनके X (पूर्व ट्विटर) प्रोफाइल का बायो बदलने और कुछ पुराने वीडियो शेयर करने के बाद यह दावा किया जाने लगा कि उन्होंने बीजेपी छोड़ दी है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहजाद पूनावाला ने अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस्तीफे की खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

X बायो बदलने के बाद क्यों बढ़ीं चर्चाएं?
पूनावाला ने अपने X प्रोफाइल का बायो अपडेट किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके राजनीति छोड़ने और बीजेपी से अलग होने की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया।उन्होंने एक पुराना वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे कहते नजर आते हैं कि “बीजेपी किसी एक परिवार की पार्टी नहीं है और वहां फैसले किसी एक व्यक्ति के नहीं होते।” साथ ही उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “जीवन भर का समर्थक” भी बताया।

कांग्रेस छोड़कर 2017 में बीजेपी में हुए थे शामिल
शहजाद पूनावाला ने 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया और वे टीवी डिबेट्स व राजनीतिक चर्चाओं में पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।वे कांग्रेस और राहुल गांधी पर अपने तीखे हमलों के लिए भी लगातार चर्चा में रहे हैं।
पुराने वीडियो ने बढ़ाई सस्पेंस
हाल ही में शेयर किए गए एक पुराने इंटरव्यू में शहजाद पूनावाला कहते हैं कि: “देश की सेवा केवल सांसद या विधायक बनकर ही नहीं की जा सकती। सिस्टम के बाहर रहकर भी समाज और देश के लिए योगदान दिया जा सकता है।”बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2025 का है। अब इसे दोबारा शेयर किए जाने के बाद लोग इसे उनके सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल बीजेपी या स्वयं शहजाद पूनावाला की ओर से पार्टी छोड़ने को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
