Anmol Sandesh News Desk, कोलकाता
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ट्रेनी डॉक्टर से जुड़े चर्चित रेप-मर्डर मामले ने एक बार फिर देश का ध्यान खींचा है। करीब दो साल बाद मामले से जुड़े अनसुलझे पहलुओं और कथित जांच संबंधी खामियों की दोबारा पड़ताल की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले से जुड़े कुछ पहलुओं की नए सिरे से जांच कराने की बात कही है।
किन सवालों पर रहेगा फोकस ?
नई पड़ताल में खास तौर पर शुरुआती जांच के दौरान उठे सवालों पर ध्यान दिया जा सकता है। इनमें जांच की प्रक्रिया, सबूतों से कथित छेड़छाड़, घटनास्थल से जुड़े पहलू और घटना के बाद की कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं।यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी 2026 में मामले से जुड़े कथित कवर-अप आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय CBI SIT गठित करने का निर्देश दिया था।
आरोपी संजय रॉय को हो चुकी है सजा
RG Kar अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को ड्यूटी पर मौजूद पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों और आम लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे।CBI ने जांच संभाली और आरोपी संजय रॉय के खिलाफ मुकदमा चला। सियालदह कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, मामले के अन्य पहलुओं और कथित बड़ी साजिश या जांच में हुई लापरवाही को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं।
CBI जांच पहले ही संभाल चुकी है मामला
सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, अगस्त 2024 में मामले की जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI की जांच के साथ-साथ अस्पताल में हुई तोड़फोड़ से जुड़े मामलों की जांच कोलकाता पुलिस के पास रही थी।यानी अब सामने आया नया कदम मामले के उन पहलुओं पर केंद्रित है, जिन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आते हैं या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
सबसे बड़ा सवाल—क्या सामने आएगा पूरा सच?
RG Kar कांड के करीब दो साल बाद जांच से जुड़े पहलुओं पर फिर से सक्रियता ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।अब बड़ा सवाल यही है—क्या दोबारा पड़ताल से उन सवालों के जवाब मिल पाएंगे, जो इतने समय बाद भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुए हैं?
