Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि, पुरस्कार और सुरक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद स्कूल एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।सबसे बड़ा फैसला भोपाल-विदिशा के बीच फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर रहा। इसके अलावा खंडवा में औद्योगिक सुरक्षा बल, इच्छावर में सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के लिए जमीन, वीरता पुरस्कारों की राशि में बढ़ोतरी और देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच को भी मंजूरी दी गई।
भोपाल-विदिशा के बीच बनेगा फोरलेन
कैबिनेट ने भोपाल से विदिशा के बीच फोरलेन सड़क परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना पर ₹1,700 करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है।सरकार के मुताबिक, भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। फोरलेन बनने से भोपाल और विदिशा के बीच यात्रा आसान होने के साथ-साथ मौजूदा मार्ग पर यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
खंडवा में बनेगा औद्योगिक सुरक्षा बल
कैबिनेट ने खंडवा में औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और नई परियोजनाओं के विस्तार के बीच इसे सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन
किसानों और कृषि अनुसंधान से जुड़ा भी बड़ा फैसला लिया गया है।कैबिनेट ने इच्छावर में सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन निशुल्क आवंटित करने को मंजूरी दी है।मध्य प्रदेश सोयाबीन उत्पादन के लिए प्रमुख राज्यों में शामिल है। ऐसे में अनुसंधान केंद्र के जरिए नई तकनीक, बेहतर उत्पादन पद्धतियों और किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने पर जोर रहेगा।
रानी दुर्गावती और रानी अवंतिका बाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
कैबिनेट ने रानी दुर्गावती पुरस्कार और रानी अवंतिका बाई वीरता पुरस्कार की पुरस्कार राशि बढ़ाने का फैसला किया है।अब दोनों पुरस्कारों की राशि ₹2-2 लाख होगी। सरकार का उद्देश्य वीरता और उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।
देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की जांच
देवास में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।सरकार ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
14 अगस्त को प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम
कैबिनेट बैठक में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी भी दी गई।इन कार्यक्रमों में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों की स्मृति को याद किया जाएगा।

कृषि वर्ष पर सरकार का फोकस
मध्य प्रदेश सरकार इस वर्ष को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री ने बताया कि सरकार कृषि क्षेत्र के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।सरकार का लक्ष्य प्रदेश में दूध उत्पादन को करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रयास करना है।
एविएशन और एयर कनेक्टिविटी पर जोर
मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने पर भी सरकार का फोकस है। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश एविएशन सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए काम जारी है।
बारिश के बाद अब अतिवृष्टि की चिंता
प्रदेश में मानसून की स्थिति पर भी सरकार ने जानकारी दी। मंत्री के मुताबिक, राज्य में पर्याप्त बारिश हुई है, लेकिन अब सरकार की चिंता अतिवृष्टि और उससे होने वाले नुकसान को लेकर है।सरकार की ओर से किसानों को पर्याप्त पानी और बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
एक नजर में MP कैबिनेट के बड़े फैसले
➡ भोपाल-विदिशा फोरलेन: ₹1,700 करोड़ से अधिक की परियोजना को मंजूरी
➡ खंडवा: औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन को हरी झंडी
➡ इच्छावर: सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन
➡ रानी दुर्गावती पुरस्कार: राशि बढ़ाकर ₹2 लाख
➡ रानी अवंतिका बाई वीरता पुरस्कार: राशि बढ़ाकर ₹2 लाख
➡ देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: एक सदस्यीय जांच समिति
➡ 14 अगस्त: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदेशभर में कार्यक्रम
➡ कृषि वर्ष: कृषि और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
➡ एविएशन: प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी विस्तार पर फोकस
कुल मिलाकर, मोहन कैबिनेट की बैठक में सड़क कनेक्टिविटी, औद्योगिक सुरक्षा, कृषि अनुसंधान, पुरस्कार और प्रशासनिक जांच से जुड़े कई फैसले लिए गए हैं। इनमें भोपाल-विदिशा फोरलेन को मंजूरी सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर फैसलों में से एक है।
