Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश में पिछले करीब 60 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने जहां जनजीवन प्रभावित किया है, वहीं लंबे समय से सूखे पड़े बांधों और जलस्रोतों के लिए यह बारिश बड़ी राहत बनकर आई है।नर्मदा, काली सिंध और बेतवा समेत कई नदियां उफान पर हैं। आगर-मालवा और उमरिया में डैम के गेट खोलने पड़े हैं। वहीं भोपाल की लाइफलाइन बड़ा तालाब भी तेजी से भर रहा है।हालांकि कई इलाकों में हालात चिंताजनक हैं। रायसेन में सड़क बहने और शिवपुरी में हाईवे पर करीब एक फीट तक पानी भरने की तस्वीरें सामने आई हैं। कुछ जगहों पर लोगों को पानी के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है।
नदी के बीच से निकाली गई शवयात्रा
लगातार बारिश के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ऐसी ही स्थिति में नदी के बीच से शवयात्रा निकालने का मामला सामने आया, जिसने बारिश से पैदा हुए हालात की गंभीरता को सामने ला दिया।पानी बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
रायसेन में बारिश ने बहाई सड़क
रायसेन जिले में तेज बारिश के बाद सड़क का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया।सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क कटने और पुल-पुलियाओं पर पानी आने का खतरा लगातार बना हुआ है।
शिवपुरी में हाईवे पर भरा एक फीट तक पानी
शिवपुरी में भी बारिश का असर देखने को मिला। हाईवे पर करीब एक फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।सड़क पर पानी भरने के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ा। प्रशासन की ओर से जलभराव वाले मार्गों पर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
MP में अब तक 19.6 इंच बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 498.3 मिमी यानी करीब 19.6 इंच बारिश दर्ज की गई है।प्रदेश में इस अवधि की सामान्य बारिश करीब 579.7 मिमी यानी 22.8 इंच मानी जाती है। यानी सामान्य औसत के मुकाबले अभी करीब 3.2 इंच बारिश कम है।ओवरऑल बारिश सामान्य से करीब 14% कम बताई गई है।इसके बावजूद पिछले दो दिनों के मजबूत मौसम सिस्टम ने प्रदेश के बड़े हिस्से को जमकर भिगो दिया है।
सूखे जैसे हालात से डैम में लौटी उम्मीद
बारिश से पहले प्रदेश के कई बांधों में पानी की स्थिति चिंताजनक थी। कुछ जलाशय काफी खाली थे और आने वाले समय में जलसंकट की आशंका जताई जा रही थी।लेकिन पिछले दो दिनों की तेज बारिश ने तस्वीर बदल दी।बांधों और जलाशयों में तेजी से पानी की आवक शुरू हुई है। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिली है।
भोपाल के बड़े तालाब में तेजी से बढ़ा पानी
भोपाल की लाइफलाइन माने जाने वाले बड़ा तालाब का जलस्तर बढ़कर करीब 1663 फीट पहुंच गया है।बताया गया है कि एक दिन में तालाब में करीब पौने फीट पानी बढ़ा है।अब बड़ा तालाब अपने निर्धारित स्तर के काफी करीब पहुंच गया है और लगातार बारिश जारी रहने पर इसमें और तेजी से पानी आने की उम्मीद है।
कोलार डैम की स्थिति
भोपाल के कोलार डैम का कुल जलस्तर करीब 1516.40 फीट है।मंगलवार दोपहर तक डैम में जलस्तर 1496.65 फीट दर्ज किया गया।डैम अभी पूरी तरह नहीं भरा है, लेकिन कैचमेंट एरिया में तेज बारिश जारी रहने पर पानी की आवक और बढ़ने की संभावना है।
केरवा डैम में दो दिन में 3 फीट पानी बढ़ा
केरवा डैम का कुल जलस्तर करीब 1673 फीट है और इसमें अब तक 1652.52 फीट पानी जमा हो चुका है।सबसे खास बात यह है कि पिछले दो दिनों में केरवा डैम के जलस्तर में करीब 3 फीट की बढ़ोतरी हुई है।हालांकि डैम को पूरी तरह भरने के लिए अभी काफी पानी की जरूरत है।
कलियासोत डैम में भी बढ़ा जलस्तर
कलियासोत डैम का जलस्तर बढ़कर करीब 1650.09 फीट पहुंच गया है।इसकी कुल जलभराव क्षमता करीब 1659 फीट है। यानी डैम अभी करीब 9 फीट खाली है।बड़ा तालाब और भदभदा के गेट खुलने के बाद कलियासोत में पानी की आवक और तेज होने की संभावना है।
राहत के साथ आफत भी
मध्य प्रदेश में इस बारिश ने एक तरफ जलसंकट का खतरा कम किया है, तो दूसरी तरफ कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।नदियों के उफान, सड़कें बहने, हाईवे पर जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ी है।ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
MP बारिश की बड़ी तस्वीर
* बारिश: करीब 60 घंटे से जारी
* नदियां: नर्मदा, काली सिंध, बेतवा समेत कई नदियां उफान पर
* प्रदेश में बारिश: 498.3 मिमी / 19.6 इंच
* सामान्य से कमी: करीब 14%
* बड़ा तालाब: 1663 फीट
* केरवा: 1652.52 फीट
* कोलार: 1496.65 फीट
* कलियासोत: 1650.09 फीट
* रायसेन: सड़क बहने की घटना
* शिवपुरी: हाईवे पर करीब 1 फीट पानी
MP में बारिश ने दो दिन में तस्वीर बदल दी है—जहां बांधों और जलस्रोतों के लिए यह बारिश बड़ी राहत लेकर आई है, वहीं कई इलाकों में यही बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है।

