Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय और मजबूत होता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बने टर्फ और डिप्रेशन के प्रभाव से खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।मौसम केंद्र भोपाल ने टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।वहीं कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का दौर जारी रहने की संभावना है।
5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए सबसे ज्यादा सावधानी बरतने को कहा है, उनमें शामिल हैं—
* टीकमगढ़
* छतरपुर
* पन्ना
* सागर
* दमोह
इन इलाकों में भारी से अति भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों में तेजी से पानी बढ़ने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा रह सकता है। प्रशासन और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी
अति भारी बारिश वाले जिलों के अलावा मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें—दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना शामिल हैं।वहीं भोपाल समेत कई अन्य जिलों में तेज से हल्की बारिश होने की संभावना है।
20 से 24 अगस्त तक बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम विभाग के अनुसार 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।यानी आने वाले दिनों में सिर्फ पूर्वी मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब मौसम प्रणाली का प्रभाव दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश में अब तक 23 इंच बारिश
मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक करीब 583.4 मिलीमीटर यानी लगभग 23 इंच बारिश दर्ज की गई है।सामान्य तौर पर इस अवधि तक करीब 663.7 मिलीमीटर यानी 26.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी।इस हिसाब से प्रदेश में अभी भी औसत से करीब 12% कम बारिश दर्ज की गई है।यानी लगातार बारिश के बावजूद राज्य का कुल बारिश आंकड़ा अभी सामान्य से पीछे है।
39 जिलों में बारिश की कमी
प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक 39 जिलों में सामान्य से 4% से लेकर 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ संभागों में ज्यादा बताई जा रही है।
इनमें—
* जबलपुर संभाग
* रीवा संभाग
* सागर संभाग
* शहडोल संभाग
प्रमुख हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिले औसत बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं।
इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
दूसरी तरफ प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून ने सामान्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है— अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़।यानी प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा पानी गिरा है, जबकि कई इलाके अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
भारी बारिश के बीच प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत
अति भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में प्रशासन और लोगों को नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
लगातार तेज बारिश होने पर—
* निचले इलाकों में जलभराव
* नदी-नालों का जलस्तर बढ़ना
*️ ग्रामीण रास्तों पर पानी भरना
* आवागमन प्रभावित होना
* फसलों को नुकसान
जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
किसानों के लिए भी अहम है मौसम का बदलाव
मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में अभी बारिश की कमी है, वहां आने वाले दिनों में अच्छी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है।हालांकि जहां कम समय में अत्यधिक बारिश होगी, वहां जलभराव और खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।
MP WEATHER UPDATE — एक नजर में
* मजबूत मानसून सिस्टम: सक्रिय
* अति भारी बारिश: टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह
* भारी बारिश: दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर, सतना
* बारिश का संभावित विस्तार: 20–24 अगस्त
* अब तक बारिश: 583.4 MM
* सामान्य बारिश: 663.7 MM
* कमी: करीब 12%
* कम बारिश वाले जिले: 39
* सामान्य से ज्यादा बारिश वाले जिले: 16
MP में अगले 4 दिन मौसम पर नजर
मध्य प्रदेश में मानसून का यह सिस्टम आने वाले दिनों में बारिश का दायरा बढ़ा सकता है। खासकर टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।यानी MP में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है—अब देखना होगा कि 20 से 24 अगस्त के बीच होने वाली बारिश प्रदेश की मौजूदा बारिश की कमी को कितना पूरा करती है।
