Anmol Sandesh News Desk,चित्रकूट
लगातार हो रही बारिश के बाद तीर्थनगरी चित्रकूट में बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण रामघाट समेत कई घाट, बाजार, मंदिर, सड़कें और आश्रम जलमग्न हो गए हैं। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी दुकानों और घरों तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ चित्रकूट पहुंचे श्रद्धालुओं की परेशानी भी बढ़ गई है। बाढ़ के पानी ने कई प्रमुख मार्गों को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके चलते आवागमन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। बचाव दल और प्रशासनिक टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सुविधाएं बहाल करने की है।
दिल्ली से रीवा पहुंचे CM मोहन यादव
चित्रकूट में बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ-साथ चित्रकूट में फंसे श्रद्धालुओं और स्थानीय रहवासियों के लिए भोजन, कपड़े और शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और पात्र लोगों को RBC 6/4 के प्रावधानों के तहत राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
छह गांवों में रेस्क्यू, 7 लोगों को सुरक्षित निकाला
बैठक में सतना कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। बताया गया कि छह गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है और सात लोगों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।प्रशासन का कहना है कि यदि रात में दोबारा तेज बारिश नहीं होती है तो स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है।वहीं, नयागांव डैम को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं और आश्रम में रुके लोगों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चित्रकूट में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जरूरतमंद लोगों को भोजन पैकेट, पेयजल और आवश्यक कपड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सद्गुरु आश्रम में रुके श्रद्धालुओं का संपर्क नंबर लेकर उनके परिजनों से संपर्क कराने और श्रद्धालुओं की उनके परिवार से बातचीत करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि परिवारों को उनकी सुरक्षा की जानकारी मिल सके। प्रशासन के अनुसार जैतवारा गांव में बड़ी संख्या में लोग रुके हुए हैं, जहां भोजन, पानी और कपड़ों की व्यवस्था की जा रही है।
चित्रकूट पहुंचकर प्रभावितों से मिलेंगे CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हेलीकॉप्टर से आरोग्यधाम चित्रकूट हेलीपैड पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह प्राचीन मुखार बिंद क्षेत्र के पास बनाए गए आश्रय स्थल का दौरा करेंगे। यहां मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर हालात का जायजा लेंगे और जरूरतमंदों को राहत सामग्री वितरित करेंगे।
MP-UP के बीच संपर्क पर असर
चित्रकूट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। बाढ़ के कारण दोनों राज्यों के बीच आवागमन भी प्रभावित हुआ है। राजोला बाईपास के पास हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बना पुल बाढ़ के पानी में डूब गया है। यह मार्ग चित्रकूट को सतना से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रास्तों में शामिल है। पुल के डूबने से सतना जाने वाला मुख्य मार्ग बाधित हुआ है और MP-UP के बीच संपर्क का एक रास्ता प्रभावित हो गया है।
बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर ने चित्रकूट के कई निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घाटों से लेकर दुकानों और आश्रमों तक पानी पहुंचने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन-पानी उपलब्ध कराने और संपर्क व्यवस्था बहाल करने की है। बचाव दल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए
